दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जेएनयू के दलित रिसर्च स्कॉलर मुथुकृष्णनन जीवानंदम ने सोमवार शाम पर खुदकुशी की है। रजनीकांत की एक्टिंग की नकल करने की वजह से उनके दोस्त उन्हें रजनी क्रिश के नाम से पुकारते थे।
रजनी क्रिश नाम से बनाई प्रोफाइल से मुथुकृष्णनन, फेसबुक पर 'माना' सिरीज के जरिए एक दलित छात्र के संघर्ष की कहानियां लिख रहे थे। आखिरी पोस्ट में रजनी कृष ने लिखा था, 'समानता से वंचित करना हर चीज से वंचित करना है।' रजनी क्रिश नाम से बनाई प्रोफाइल से मुथुकृष्णनन, फेसबुक पर 'माना' सिरीज के जरिए एक दलित छात्र के संघर्ष की कहानियां लिख रहे थे। आखिरी पोस्ट में रजनी कृष ने लिखा था, 'समानता से वंचित करना हर चीज से वंचित करना है।'
संजीव चौहान ने फेसबुक पर लिखा, ''जीत के जश्न में डूबे धृतराष्ट्र और द्रोणाचार्यों जेएनयू के एक और एकलव्य की जान ले ली तुमने।''
अभिषेक तिवारी लिखते हैं, ''कल शाम को जेएनयू के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। आज सुबह होते होते वह दलित भी हो गया!''
यतेंद्र राठौड़ ने ट्वीट किया, ''मुथुकृष्णनन की मौत दुखद है। हालांकि इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराए जाने की जरूरत है। उस सिस्टम का शुक्रिया, जो ऐसे लोगों को उच्च शिक्षा का मौका देता है जो इसके लायक नहीं हैं।''