सोमवार सुबह तकनीकी गड़बड़ी के चलते मुंबई के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसकी वजह से आम जन-जीवन तो ठप हुआ ही अस्पताल और लोकल ट्रेन सेवाएं भी बाधित हो गईं। टाटा पावर ने बताया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की एमएसईटीसीएल के दो सब-स्टेशनों में साथ-साथ ट्रिपिंग की वजह से देश की आर्थिक राजधानी और आसपास के इलाकों में बिजली बंद हुई। इससे पहले बीएमसी ने कहा था कि टाटा पावर से हो रही बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी के चलते ऐसा हुआ है।
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ट्रेनों पर भी पड़ा बिजली जाने का असर
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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मामले पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ठाकरे ने बृह्नमुंबई नगर निगम (बीएमसी) आयुक्त इकबाल सिंह चहल को वैकल्पिक प्रबंध करने का भी निर्देश दिया है, ताकि अस्पतालों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि नियंत्रण कक्ष और दमकल विभाग इस बात को लेकर सचेत रहें कि बिजली जाने से कोई और अनहोनी न हो।
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कुछ इस तरह संभाली गई व्यवस्था
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उधर, अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने के दौरान एक मीडिया कर्मी और चार बैंक कर्मचारी कुछ देर के लिए अपने कार्यालय की लिफ्ट में फंस गए। बाद में किसी प्रकार उन्होंने लिफ्ट का दरवाजा खोला और बाहर आने में कामयाब हुए। मीडिया कर्मी ने लिफ्ट में फंसे होने का वीडियो भी बनाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मीडियाकर्मी ने बताया कि लिफ्ट के भीतर मोबाइल भी काम नहीं कर रहे थे। इसके कारण वह सहायता के लिए किसी को फोन भी नहीं कर पा रहे थे।
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थम गई ट्रेनों की रफ्तार
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बिजली आपूर्ति ठप होने से महानगर की जीवन रेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों का संचालन भी ढाई घंटे रुक गया जिससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ट्रेनों में पंखे और बत्ती भी बंद हो जाने के कारण कई यात्रियों ने ट्रेनों से उतरकर पटरी के किनारे चलते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचने का फैसला किया। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि मध्य रेलवे (सीआर) और पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) दोनों ही मार्ग पर उपनगरीय ट्रेन सेवांए पावर ग्रिड फेल होने से ठप हो गई थीं।
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घर के कामों में भी हुई दिक्कत
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बिजली जाने से आम जनजीवन की गतिविधियां भी रुक गईं। लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर काम चलाया। लोगों को मोबाइल फोन चार्ज करने में दिक्कतें हुईं तो दुकानों पर जेनरेटर का इस्तेमाल करना पड़ा। सड़कों पर ट्रैफिक लाइट्स ने भी काम करना बंद कर दिया था, ऐसे में लोगों को जाम की समस्या से भी जूझना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारियों को भी यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी।