2019 के लोकसभा चुनावों में 'नरेंद्र मोदी को हराना और भाजपा को सत्ता से बेदखल करना' ही विपक्षी पार्टियों का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। वर्तमान समय में विपक्ष की पूरी राजनीति इसी मकसद के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। ऐसे में एनडीए सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को तमाम राजनीतिक पार्टियों का साथ मिल रहा है। आइए देखें इस बार के चुनावी रण के लिए अब तक किन पार्टियों के नेताओं ने कांग्रेस का 'हाथ' थामा है।
लोकसभा चुनाव 2019: इन नेताओं ने थामा कांग्रेस का 'हाथ', भाजपा को हराने के लिए आए साथ
मनीष खंड़ूड़ी
भाजपा के कद्दावर नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री जनरल बीसी खंडूरी के बेटे मनीष खंडूरी 16 मार्च को कांग्रेस में शामिल हो गए। पेशे से पत्रकार बेटे मनीष खंड़ूड़ी के कांग्रेस में शामिल होने पर बीसी खंडूड़ी ने कहा- वह एक युवा पढ़े-लिखे नौजवान हैं, वह जहां जाना चाहें जाएंगे। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। ये जरूरी नहीं कि उन्हें भी वही करना चाहिए जो मैंने किया। वह कभी भी भाजपा में नहीं थे।
हार्दिक पटेल
गुजरात में भाजपा के खिलाफ लड़ने के लिए कांग्रेस को पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का साथ मिल चुका है। 12 मार्च को हार्दिक पटेल ने राहुल गांधी और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। लोकसभा चुनाव से पहले सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के फैसले पर सफाई देते हुए पटेल ने कहा कि वह अब गुजरात के छह करोड़ लोगों के लिए भजपा से बेहतर तरीके से काम करेंगे।
सावित्री बाई फुले
उत्तर प्रदेश के बहराइच लोकसभा सीट से सांसद सावित्री बाई फुले ने दो माह पूर्व भाजपा का दामन छोड़ दिया था। इसके बाद विगत 2 मार्च को सावित्री बाई ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस का 'हाथ' थाम लिया। इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों को करारा जवाब दिया जाएगा क्योंकि कांग्रेस ही संविधान की हिफाजत कर सकती है।
लंबे समय से भाजपा से नाराज चल रहे सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने आखिरकार पार्टी से इस्तीफा दे दिया और 18 फरवरी को राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गए। कीर्ति ने 2014 लोकसभा चुनाव में बिहार के दरभंगा से जीत हासिल की थी। कीर्ति भाजपा नेता अरुण जेटली पर दिल्ली ऐंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट असोसिएशन (डीडीसीए) के मामले में घोटाले का आरोप लगाते रहे हैं।