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महाराष्ट्र: पीएम मोदी के प्रोग्राम में फर्जी कार्ड से ली एंट्री, अब मिली 14 दिन की न्यायिक हिरासत, जानें मामला
Fri, 11 Sep 2026 04:13 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Fri, 11 Sep 2026 04:13 PM IST
सार
मुंबई के बीकेसी स्थित जियो वर्ल्ड प्लाजा मॉल में जबरन घुसने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार रोहन पारिख और दिलीप कुंडे को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पारिख के पास फर्जी पीएमओ पहचान पत्र और कुंडे के पास हथियार मिला था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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फर्जी PMO कार्ड केस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र के एक अदालत ने शुक्रवार को शुक्रवार को दो लोगों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन दोनों को शहर के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) इलाके में एक लग्जरी शॉपिंग मॉल में जबरन घुसने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनके पास एक हथियार और प्रधानमंत्री कार्यालय ( पीएमओ) का नकली पहचान पत्र था।
पुलिस ने क्या मांग की?
आरोपियों की पहचान रोहन पारिख (24) और दिलीप कुंडे (49) के तौर पर हुई है। पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें यहां मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने उनकी और हिरासत की मांग करते हुए कहा कि उनके दस्तावेज एआई टूल्स का इस्तेमाल करके बनाए गए थे और उन्हें यह जांचने की जरूरत है कि क्या आरोपियों ने इन कागजों का इस्तेमाल कहीं और किया है।
दोनों आरोपियों की ओर से पेश वकील सतीश मानेशिंदे ने तर्क दिया कि आरोपियों ने कबूल कर लिया है कि उन्होंने ही दस्तावेज तैयार किए थे और इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था। उन्होंने कहा कि इसलिए और रिमांड की जरूरत नहीं है।
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कब की है घटना?
यह घटना 7 सितंबर को बीकेसी के जियो वर्ल्ड प्लाजा मॉल में हुई थी। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' के लिए पास के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में होने वाले कार्यक्रम से एक दिन पहले हुई थी।
पारिख को नकली पीएमओ कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया था। उससे पहले, उसके साथ मौजूद कुंडे के पास हथियार पाया गया था। दोनों की मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों के साथ बहस हुई थी। बहस के दौरान, पारिख ने कथित तौर पर दावा किया कि वह पीएमओ का अधिकारी है। बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस घटना का अगले दिन होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान पारिख ने दावा किया कि वह अपने परिवार को यह यकीन दिलाना चाहता था कि वह किसी अच्छे काम से जुड़ा है और पीएमओ के लिए काम कर रहा है।
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पुलिस ने क्या मांग की?
आरोपियों की पहचान रोहन पारिख (24) और दिलीप कुंडे (49) के तौर पर हुई है। पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें यहां मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने उनकी और हिरासत की मांग करते हुए कहा कि उनके दस्तावेज एआई टूल्स का इस्तेमाल करके बनाए गए थे और उन्हें यह जांचने की जरूरत है कि क्या आरोपियों ने इन कागजों का इस्तेमाल कहीं और किया है।
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दोनों आरोपियों की ओर से पेश वकील सतीश मानेशिंदे ने तर्क दिया कि आरोपियों ने कबूल कर लिया है कि उन्होंने ही दस्तावेज तैयार किए थे और इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था। उन्होंने कहा कि इसलिए और रिमांड की जरूरत नहीं है।
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कब की है घटना?
यह घटना 7 सितंबर को बीकेसी के जियो वर्ल्ड प्लाजा मॉल में हुई थी। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' के लिए पास के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में होने वाले कार्यक्रम से एक दिन पहले हुई थी।
पारिख को नकली पीएमओ कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया था। उससे पहले, उसके साथ मौजूद कुंडे के पास हथियार पाया गया था। दोनों की मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों के साथ बहस हुई थी। बहस के दौरान, पारिख ने कथित तौर पर दावा किया कि वह पीएमओ का अधिकारी है। बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस घटना का अगले दिन होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं था।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान पारिख ने दावा किया कि वह अपने परिवार को यह यकीन दिलाना चाहता था कि वह किसी अच्छे काम से जुड़ा है और पीएमओ के लिए काम कर रहा है।