लोकसभा चुनाव 2019 में नेताओं की जुबान से खूब विवादित बयान फूटे हैं। प्रधानमंत्री से लेकर मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और तमाम पार्टियों के नेताओं में जैसे होड़ लगी हो। कौन अपने बयान से कितना बखेड़ा खड़ा करता है। किसी ने धमकी भरे लहजे में अपने विपक्षी को धमकाया, तो किसी ने अपने प्रतिद्वंदी के ऊपर व्यक्तिगत हमले किए हैं। चुनाव प्रचार में नेता अपने विरोधियों पर निशाना साधने में इस हद तक गिर गए कि उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी। तस्वीरों के साथ देखिए किसने क्या कहा--
लोकसभा चुनाव के महासंग्राम में खूब फूटा बयानों का बारूद, सत्ता से विपक्ष तक सब झुलसे
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मोदीजी उस दुल्हन की तरह हैं जो रोटी कम बेलती है और चूड़ियां ज्यादा खनकाती है ताकि मोहल्ले वालों को ये पता चले की वो काम कर रही है। बस यही हुआ है मोदी सरकार में।
"इतिहास गवाह है कि इस देश ने कभी अहंकार और घमंड को बर्दाश्त नहीं किया है। ऐसा अहंकार दुर्योधन में भी था।"
इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने 1984 के सिख दंगों पर विवादित बयान दिया था। जिसके बाद भाजपा उस बयान को लेकर कांग्रेस पर लगातार हमलावार हैं। पित्रोदा ने कहा था,
अब क्या है 84 का? आपने (मोदी) क्या किया है पांच साल में, उसकी बात करिए। 84 में हुआ तो हुआ, आपने क्या किया? आपको रोजगार पैदा करने के लिए वोट दिया गया था, 200 स्मार्ट सिटी बनाने के लिए वोट मिले थे, आपने वो भी नहीं किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि राहुल गांधी का एक ही लक्ष्य है और वह है मेरी छवि खराब करना। उनके पिता और देश के पूर्व पीएम राजीव गांधी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा था, "राजीव गांधी को मिस्टर क्लीन कहा जाता है, लेकिन उनका जीवन 'भ्रष्टाचारी नंबर वन' के तौर पर खत्म हुआ।' बोफोर्स घोटाले का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस घोटाले के बाद राजीव गांधी की सरकार गिर गई थी।