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साध्वी के उतरने से दिलचस्प हुई भोपाल की जंग, कांग्रेस के लिए खत्म होगा 30 साल का सूखा?
Wed, 17 Apr 2019 10:43 PM IST
Abhishek Singh
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Wed, 17 Apr 2019 10:43 PM IST
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साध्वी प्रज्ञा-दिग्विजय सिंह
- फोटो : PTI
लोकसभा चुनाव के लिहाज से भोपाल सीट हमेशा से ही अहम रही है। इस बार यहां से कांग्रेस ने अपने कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह को मैदान में उतारा है तो वहीं भाजपा ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर दांव लगाया है। माना जा रहा है कि प्रज्ञा के चुनाव लड़ने से मुकाबला टक्कर का होना वाला है। भोपाल सीट पर आखिरी बार कांग्रेस के केएन प्रधान 1984 में लोकसभा चुनाव जीते थे। जिसके बाद से अब तक कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाया है।
अलोक संजर-पीसी शर्मा
- फोटो : Social Media
2014
2014 के लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट पर भाजपा के उम्मीदवार अलोक संजर करीब चार लाख वोटों से चुनाव जीते थे। उन्हें 36 फीसदी वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के पीसी शर्मा को 17 फीसदी वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार रचना धींगरा एक फीसदी वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रही थीं।
2014 के लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट पर भाजपा के उम्मीदवार अलोक संजर करीब चार लाख वोटों से चुनाव जीते थे। उन्हें 36 फीसदी वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के पीसी शर्मा को 17 फीसदी वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। वहीं पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार रचना धींगरा एक फीसदी वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रही थीं।
कैलाश जोशी-सुरेंद्र सिंह
- फोटो : Social Media
2009
2009 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार कैलाश जोशी करीब 50 हजार वोटों से चुनाव जीते थे। उन्हें 22 फीसदी जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र सिंह ठाकुर को 18 प्रतिशत और इंजीनियर अशोक नारायण सिंह को मात्र एक फीसदी वोट मिला था।
2009 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो इस चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार कैलाश जोशी करीब 50 हजार वोटों से चुनाव जीते थे। उन्हें 22 फीसदी जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र सिंह ठाकुर को 18 प्रतिशत और इंजीनियर अशोक नारायण सिंह को मात्र एक फीसदी वोट मिला था।
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कैलाश जोशी
- फोटो : Social Media
2004
2004 का लोकसभा का चुनाव तब के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में लड़ा गया था। इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार कैलाश जोशी को 30 फसदी वोट मिले और वह करीब ढाई लाख वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार साजिद अली को 13 फीसदी और बसपा उम्मीदवार जीएस चावला को एक फीसदी वोट भी नहीं मिला था।
2004 का लोकसभा का चुनाव तब के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में लड़ा गया था। इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार कैलाश जोशी को 30 फसदी वोट मिले और वह करीब ढाई लाख वोटों के अंतर से चुनाव जीते थे। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार साजिद अली को 13 फीसदी और बसपा उम्मीदवार जीएस चावला को एक फीसदी वोट भी नहीं मिला था।
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केंद्रीय मंत्री उमा भारती
- फोटो : ANI
1999
1999 के लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट से भाजपा उम्मीदवार उमा भारती को 34 फीसदी वोट मिले थे। उमा, कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश पचौरी को करीब डेढ़ लाख वोटों से हराने में कामयब रही थीं। तब पचौरी को 23 फीसदी और निर्दलीय उम्मीदवार श्रावण गौरव को एक फीसदी वोट मिला था।
1999 के लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट से भाजपा उम्मीदवार उमा भारती को 34 फीसदी वोट मिले थे। उमा, कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश पचौरी को करीब डेढ़ लाख वोटों से हराने में कामयब रही थीं। तब पचौरी को 23 फीसदी और निर्दलीय उम्मीदवार श्रावण गौरव को एक फीसदी वोट मिला था।