इंदौर-पटना एक्सप्रेस के चौदह डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में 101 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। इस हादसे में 200 से ज्यादा के घायल होने की भी खबर है। हादसा रविवार सुबह 3 बजकर 10 मिनट पर हुआ। ट्रेन इंदौर से पटना की ओर जा रही थी।
बचाव कार्य लगातार जारी है
यूपी एडीजी लॉ एन्ड ऑर्डर के मुताबिक 51 लोगों की मौत हुई है। इंदौर-पटना एक्सप्रेस जब पुखराया स्टेशन से कानपुर के लिए निकली ही थी कि उसी वक्त ट्रेन के चौदह डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के बाद से बचाव कार्य लगातार जारी है। कई लोग अभी भी डिब्बों के भीतर फंसे हुए हैं। कटर की मदद से डिब्बों को काटकर फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं।
टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं
एडीजी लॉ एन्ड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी के मुताबिक एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं। S1 और S2 दो डिब्बे इस हादसे में सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिनके भीतर लोग फंसे हुए हैं।
राहत-बचाव की टीमें घटनास्थल पर रवाना कर दी गई हैं
वहीं रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हादसे के बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने का आदेश दे दिया है। प्रभू ने कहा है कि राहत-बचाव की टीमें घटनास्थल पर रवाना कर दी गई हैं।
वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घटना को दर्टदनाक बताया। उन्होंने कहा 'इंदौर एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के बाद मौतों की खबर दर्दनाक है। हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं'। चश्मदीद के मुताबिक रात 3 बजकर 10 मिनट सभी यात्री सो रहे थे कि अचानक ट्रेन हादसे का शिकार हो गई।
सेना की टीम भी बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पहुंची
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार रेल प्रशासन से लगातार संपर्क में है।
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सेना की टीम भी बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पहुंची।