कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक याचिका को खारिज करते कहा कि मेल न खाने वाले डीएनए नमूने (सैंपल्स), अपराध के आरोपी को पूरी तरह से दोषमुक्त नहीं कर सकते। कोर्ट ने कहा कि यह केवल सहयोगी साक्ष्य हैं।
Karnataka: दुष्कर्म मामले में डीएनए का सैंपल से नहीं हुआ मिलान, हाईकोर्ट ने कहा- इस आधार पर रिहा नहीं कर सकते
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 09 Oct 2022 05:56 PM IST
सार
न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने कहा कि डीएनए विश्लेषण बताता है कि आरोपी जैविक भ्रूण का जैविक पिता नहीं है, लेकिन यह (डीएनए रिपोर्ट) याचिकाकर्ता को कथित अपराधों के लिए पूरी तरह से दोषमुक्त नहीं करेगा।
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला
पीड़िता की मां ने दर्ज कराई थी शिकायत
विज्ञापन
विज्ञापन