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महामारी से बचाने वाली वैक्सीन को बनाने की प्रक्रिया है दर्दनाक; जानिए कैसे तैयार हो रही कोरोना की वैक्सीन

Mon, 27 Apr 2020 09:01 PM IST
Rama Solanki रमा सोलंकी
Updated Mon, 27 Apr 2020 09:01 PM IST
सार

कोरोना वायरस वैक्सीन में क्यों हो रही है देरी 
किन चरणों से गुजरना होगा कोरोना वायरस वैक्सीन को 
जानिए वैक्सीन के बारे में सबकुछ 
क्लीनिकल ट्रायल क्या है?
लिखित सूचित सहमति क्या होती है?
जानिए क्या है रोगी के अधिकार
प्रयोगशाला से बाजार तक वैक्सीन का सफर 

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corona virus vaccine know vaccine testing approval process and science behind vaccine research and testing
जानिए वैक्सीन के बारें में सबकुछ - फोटो : Amar Ujala

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से भारत समेत पूरी दुनिया के लोग परेशान हैं। इस घातक वायरस के सामने कई शक्तिशाली देशों ने भी घुटने टेक दिए हैं। इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे भारत में लॉकडाउन की व्यवस्था लागू की गई है। ऐसे में अगर किसी चीज का बेसब्री से इंतजार है तो वह है कोरोना वायरस की वैक्सीन। हालांकि कोरोना के वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया में रिसर्च का दौर चल रहा है। दुनियाभर के हजारों वैज्ञानिक इस खतरनाक वायरस से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने में दिन-रात लगे हुए हैं।

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आमतौर पर किसी भी तरह के वैक्सीन को बनाने में दो से पांच साल का समय लग जाता है। इसके बाद उस वैक्सीन के इस्तेमाल से लेकर उसकी प्रमाणिकता मिलने की एक मजबूत प्रक्रिया होती है। ऐसे में आज हम आपको इस लेख में प्रयोगशाला से बाजार तक का वैक्सीन के सफर के बारे में बताएंगे। तो आइए जानते हैं कैसे कोई वैक्सीन इलाज के लिए मरीज तक पहुंचती है।

जानिए क्या होती है वैक्सीन और यह कैसे करती है काम

corona virus vaccine know vaccine testing approval process and science behind vaccine research and testing
जानिए वैक्सीन के बारें में सबकुछ - फोटो : Amar Ujala
  • वैक्सीन के द्वारा शरीर में किसी भी रोग विशेष से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है।
  • वैक्सीन शरीर को किसी भी रोग से लड़ने के लिए तैयार करती है, इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत करती है।
  • आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और रोगों से लड़ने में आपकी मदद करती है।
  • वैक्सीन शरीर में उत्पन्न होने वाले सूक्ष्म जीवों को बढ़ने से रोकने में सहायता प्रदान करती है।
  • वैक्सीन आपके शरीर में उपस्थित बैक्टीरिया को पहचान कर उनको नष्ट करने में मदद करती है और शरीर में एंटीबॉडीज का निर्माण करती है।
  • जब आपके शरीर को कोई रोग आपके शरीर को नुकसान पहुंचता है तब आपके शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र इनसे लड़ने के लिए कोशिकाओं का निर्माण करता है लेकिन जब शरीर कमजोर हो जाता है यानी प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर पड़ता है तब वैक्सीन यह काम करती है।
  • वैक्सीन की मदद से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और यह इसको ही बढ़ाने का कार्य करती है।
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ICH-GCP क्या है और कौन से हैं दिशा-निर्देश

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जानिए वैक्सीन के बारें में सबकुछ - फोटो : Amar Ujala
इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन हार्मोनाइजेशन – ICH यानी एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, जिसका संयुक्त नेतृत्व अमेरिका, यूरोप और जापान ने किया जिसमें क्लीनिकल ट्रायल रिसर्च के लिए एक तीन देशों ने कुछ दिशा निर्देशों को निर्धारित किया है। अब क्लीनिकल ट्रायल रिसर्च के लिए इन्हीं निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन किया जाता है। इसे ही ICH-GCP कहा जाता है।

जानिए क्लीनिकल ट्रायल क्या है

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जानिए वैक्सीन के बारे में सबकुछ - फोटो : Amar Ujala
  • क्लीनिकल ट्रायल एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें चिकित्सा की प्रक्रियाओं और दवाओं की सुरक्षा की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के लिए अनुसंधान अध्ययन किया जाता है। किसी भी चिकित्सा उपकरण या फिर नवीन प्रक्रिया के लिए क्लीनिकल ट्रायल किया जाता है। इसका उद्देश्य है-
  • क्लीनिकल ट्रायल के माध्यम से रोगियों की मदद
  • इलाज के लिए नए और बेहतर तरीके खोजना
  • अधिक प्रभावी और बेहतर उपचार स्थापित करने का भाव
  • नए प्रयोग की खोज जिससे अधिक सहायता मिले
  • नवीन अनुसंधान में मदद, बीमारियों का समाधान ढूंढने के लिए किया जाता है।
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क्लीनिकल ट्रायल के चरण

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जानिए वैक्सीन के बारे में सबकुछ - फोटो : Amar Ujala
क्लीनिकल ट्रायल के मुख्यतः चार चरण होते हैं-
  • क्लीनिकल ट्रायल परीक्षण चार चरणों में संपादित किया जाता है।
  • इन चार चरणों में अलग अलग तरह के चिकित्सीय परीक्षण किए जाते हैं।
  • क्लीनिकल ट्रायल परीक्षण की पूरी प्रक्रिया में कई वर्ष लग सकते हैं।
  • अगर किसी वजह से प्रक्रिया को इमरजेंसी स्थिति में तेजी से भी किया जाए तो करीब एक से डेढ़ साल तक लग जाते हैं। बंदर, चूहा इत्यादि जानवरों पर परीक्षण हो चुका हो इसके बावजूद इतना समय लग जाता है।
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