पीएम नरेंद्र मोदी आज 67 वर्ष के हो गए हैं। हम इस खुशी के मौके पर आपके लिए लाए हैं मोदी के जीवन से जुड़े कुछ अनसुने सत्य जो आपको कर देंगे हैरान। पेश हैं हैरान कर देनें वाले सत्य।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बचपन में नरिया कहकर बुलाया जाता था। नरेंद्र मोदी के पिता की रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे।
वर्ष 1965 में जब भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ तो नरेंद्र मोदी करीब 15 साल के थे। उन दिनों वो सुबह ही अपनी टोली के साथ रेलवे स्टेशन पहुंच जाते और वहां से होकर गुजरने वाले सैनिकों की सेवा में जुट जाते थे। इसी तरह 1967 में जब गुजरात में भयंकर बाढ़ आई तो नरेंद्र मोदी अपने साथियों के साथ बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुट गए थे।
नरेन्द्र मोदी को बचपन में एक्टिंग का शौक था। मोदी बचपन में स्कूल में एक्टिंग, वाद-विवाद, नाटकों में भाग लेते और पुरस्कार जीतते थे। एनसीसी में भी शामिल हुए।
नरेन्द्र मोदी बचपन में साधु-संतों से प्रभावित हुए। वे बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे। संन्यासी बनने के लिए मोदी स्कूल की पढ़ाई के बाद घर से भाग गए थे। इस दौरान मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूमते रहे। हिमालय में कई महीनों तक साधुओं के साथ रहे। दो साल बाद जब वह हिमालय से वापस लौटे तब उन्होंने संन्यासी जीवन त्यागने का फैसला लिया। हिमालय से लौटने के बाद मोदी ने अपने भाई के साथ मिलकर अहमदाबाद के कई स्थानों पर चाय की दुकान भी लगाईं। उन्होंने हर कठिनाई को सहते हुए चाय बेची।