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एक्सक्लूसिव: सावधान! फर्जी वेबसाइट से हो सकते हैं आप ठगी के शिकार

Thu, 11 Jun 2020 03:56 PM IST
Rama Solanki रमा सोलंकी
Updated Thu, 11 Jun 2020 03:56 PM IST
सार

जानिए फर्जी वेबसाइट का सच
कैसे रख सकते हैं आप अपने ऑनलाइन खातों को सुरक्षित
वेबसाइट पर इन बातों का ख्याल रखें
स्कैम और फिशिंग साइट से कैसे बचें

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Beware, these fake websites can rob you
फर्जी वेबसाइट का सच - फोटो : Amar Ujala

कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप से देश पूरी तरह प्रभावित है। इस घातक वायरस से बचने के लिए कुछ दिनों तक लॉकडाउन की व्यवस्था लागू की गई थी, जिसमें अब धीरे-धीरे छूट दी जा रही है। इसके बावजूद भी लोग सुरक्षा के लिहाज से सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो कर रहे हैं और घर से ही अधिक से अधिक कामों को निपटाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इस कोरोना काल में जालसाजों ने भी ठगी के कई नए रास्ते तलाश लिए हैं। कुछ इसी तरह इन दिनों गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स(GST) रिफंड के ऑनलाइन प्रोसेसिंग के नाम पर नकली वेबसाइट से भी ठगी करने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको इस लेख के माध्यम से असली और नकली वेबसाइट को पहचानने के तरीकों के बारे में बताएंगे।

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स्कैम और फिशिंग साइट से कैसे बचें

Beware, these fake websites can rob you
फर्जी वेबसाइट का सच - फोटो : Amar Ujala
कोरोना वायरस, साइबर क्रिमिनल्स के लिए एक हथियार बनता जा रहा है। इसको ऑनलाइन स्कैम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्कैम और फिशिंग साइट से कैसे बचें
 
  • फिशिंग साइट्स "http" से शुरू होती है और इसमें लॉक का आइकन नहीं होता है। जबकि सुरक्षित वेबसाइट्स "https" से शुरू होती हैं और लॉक आइकन के साथ होती हैं। इसका मतलब है कि वेबसाइट सुरक्षित हैं,
  • सबसे पहले URL की जांच करें इस बात को सुनिश्चित करें कि यह असली साइट हैं।
  • जब भी आपसे कोई ईमेल पर आपकी जानकरियां मांगे तो बिलकुल मत दीजिए।
  • ज्यादातर उन वेबसाइट्स के माध्यम से किया जाता है, जिनका आप पहले से उपयोग करते हैं।
  • आपको कोई प्रलोभन, ऑफर दे।
  • अक्सर ये साइट्स हमसे कुछ फॉर्म भरने के लिए कहती हैं और उसमें हमसे जुड़ी जानकारियां मांगती हैं जैसे, नाम, बैंक खाता नंबर, जन्मतिथि, पता, पेन कार्ड नंबर, पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड नंबर।
  • सोशल नेटवर्क साइट पर अपनी निजी और गोपनीय जानकारियां उपलब्ध न कराएं।
  • अपरिचित वेबसाइट्स पर विजिट करने से बचें और अपना पंजीकरण करते समय सावधान रहें।
  • खासकर ऑनलाइन लेन-देन करते समय सुरक्षित नेटवर्क का उपयोग करें और उससे जुड़ी हुई जानकारियां अच्छी तरह पढ़ लें।

"यह नुकसानदायक ही नहीं अपितु खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह एक स्वास्थ्य संबंधी मामला है। जैसा कि हम जानते हैं कि हमारी संवेदनाओं को जगाने वाली फर्जी वेबसाइट्स अपनी तीव्र मसालेदार  और भावनात्मक सामग्रियों से हमारा ध्यान आकर्षित कर लेती हैं। ऐसे में लोग  इसके लक्षणों, उपचार और त्वरित उपायों को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। सभी निराधार दावों और  प्राथमिक शोधों को अंतिम निर्णय के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जो जीवन को खतरे में डालने के समान है।"
प्रोफेसर उमेश आर्य, फेक न्यूज एक्सपर्ट

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वेबसाइट कितनी सच्ची और झूठी हैं - यूआरएल में छिपे होते है संकेत

Beware, these fake websites can rob you
फर्जी वेबसाइट का सच - फोटो : Amar Ujala
  • फर्जी वेबसाइट की पहचान करना आसान।
  • वेबसाइट खोलने के लिए है https सिक्योर पाथ।
  • http है अनसिक्योर पाथ।
  • यूआरएल का ध्यान रखें।
  • यूआरएल बिल्कुल सिंपल हो।
  • यूआरएल में डोमेन नेम होना चाहिए।
  • असामान्य यूआरएल से रहें सावधान।
  • असामान्य यूआरएल को खोलने पर आपका सिस्टम हो सकता है डैमेज।
  • ऐसी वेबसाइट्स के वायरस आपके सिस्टम से इनफॉर्मेशन चुरा सकते हैं।
  • आपके साथ हो सकता है फाइनेंशियल फ्रॉड।
  •  बचाव के लिए हमेशा सिक्योर गेटवे https यूज करें।

"कोई भी यूआरएल यूज करने के लिए डोमेन नेम का ख्याल जरूर रखें। कन्फ्यूजिंग वेबसाइट का यूआरएल और लुक बेहद खतरनाक होता है। फ्रॉड यूआरएल, चुरा सकता है आपका पर्सनल और प्राइवेट डेटा, इसलिए यूआरएल को ध्यान से समझें और वेबसाइट को क्लिक करें "
प्रोफेसर अर्चना कुमारी, फेक वेबसाइट एक्सपर्ट

कैसे रख सकते हैं आप अपने ऑनलाइन खातों को सुरक्षित

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फर्जी वेबसाइट का सच - फोटो : Amar Ujala
  • मजबूत और प्रामाणिक सिक्योरिटी का इस्तेमाल करें।
  • प्रत्येक खाते के लिए अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करें।
  • समय- समय पर अपने पासवर्ड को बदलते रहें।
  • पासवर्ड प्रबंधक का प्रयोग करें।
  • सुरक्षा कुंजी का प्रयोग करें।
  • ऑनलाइन खातों के लिए दो-चरणीय सत्यापन सेटअप करें।
  • अपने अकाउंट की सेटिंग्स की जांच करते रहें।
  • अपने अकाउंट की जांच G.co/securitycheckup पर करते रहें।
  • जब भी किसी और सिस्टम पर लॉग इन करें तो लॉग आउट जरूर करें।

"धोखाघड़ी के मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए, चाहे वो पीड़ित हो या फिर पुलिस अधिकारी, इनकी जांच पड़ताल के बाद सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए, हमारे पास साइबर सिक्योरिटी कानून है और तमाम कानूनी व्यवस्था, इन मामलों को उठाया जाना चाहिए और मजबूत एक्शन भी लिया जाना चाहिए।'
हरि नारायण चारि मिश्र, आईपीएस, कानूनी जानकार 

" साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे अच्छा तरीका है सतर्कता, जब भी संदेह हो जांच पड़ताल करें और कानूनी मदद लें"
डॉक्टर विनोद मल्ल, , आईपीएस,कानूनी जानकार 

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भूलकर भी न खोलें इन फर्जी वेबसाइट्स को

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फर्जी वेबसाइट का सच - फोटो : Amar Ujala
ये सभी वेबसाइट कोरोना वायरस के नाम पर बनाई गई हैं। जिनकी लिस्ट इस प्रकार है।
  • coronavirusstatus[.]space,
  • coronavirus-map[.]com,
  • blogcoronacl.canalcero[.]digital, 
  • coronavirus[.]zone,
  • coronavirus-realtime[.]com,
  • coronavirus[.]app, bgvfr.coronavirusaware[.]xyz,
  • coronavirusaware[.]xyz, 
  • corona-virus[.]healthcare,
  • survivecoronavirus[.]org, 
  • vaccine-coronavirus[.]com,
  • coronavirus[.]cc, 
  • bestcoronavirusprotect[.]tk
  • coronavirusupdate[.]tk
  • और “http://Onlinefilingindia.in”

हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा एक लिस्ट जारी की गई जिसमें 14 खतरनाक वेबसाइट के नाम बताए गए हैं। इन फर्जी वेबसाइट से सावधान रहें।
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