सालों पहले गुजरात के मोहिनाबा कन्या विद्यालय की दो छात्राओं को नर्मदा नदी में डूबने से बचाने के लिए एक वीर युवती ने बिना सोचे समझे उफनती नदी में छलांग लगा दी और डूबती हुई लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाल लाई थी। इस साहस के लिए उस युवती को जब गुजरात सरकार की ओर से 'वीरता पुरस्कार' से सम्मानित किया जा रहा था, तब तक किसी ने नहीं सोचा था कि भविष्य में उसका नाम देश की बड़ी राजनीतिक हस्तियों में शामिल होगा। यह युवती कोई और नहीं बल्कि आनंदी बेन पटेल थीं जिन्होंने भारतीय राजनीति में अपनी मजबूती का लोहा मनवाया है।
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बचपन से ही साहस का परिचय देने वाली आनंदी बेन पटेल का ऐसा रहा है राजनीतिक सफर
Sat, 20 Jul 2019 03:54 PM IST
Prachi Priyam
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prachi Priyam
Updated Sat, 20 Jul 2019 03:54 PM IST
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आनंदीबेन पटेल
- फोटो : Twitter
anandiben patel
- फोटो : pti
आनंदी बेन पटेल का जन्म 21 नवंबर, 1941 को गुजरात के एक गांधीवादी परिवार में हुआ था। बचपन से ही वह खेल-कूद और एथलेटिक्स में सक्रिय थीं और कई प्रतिस्पर्धाओं में पुरस्कार जीतती रही थीं। उनकी शादी मफतभाई पटेल के साथ हुई, जो उन दिनों गुजरात भाजपा के कद्दावर नेताओ में से एक थे। वीरता पुरस्कार मिलने के बाद पति के मित्र नरेंद्र मोदी और शंकरसिंह वाघेला ने उन्हें भाजपा से जुड़ने और महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए कहा। उसी साल यानी 1987 में वो गुजरात प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष बनकर भाजपा में शामिल हो गईं। पार्टी में उन दिनों कोई मजबूत महिला नेता नहीं थी इसलिए कुछ ही दिनों में भाजपा में आनंदीबेन एक निडर नेता के तौर पर उभरीं।
anandiben patel
राजनीति में आने के सात सालों बाद ही 1994 में वह गुजरात से राज्यसभा की सांसद बनीं। उसके बाद 1998 से 2012 तक लगातार गुजरात विधानसभा की सदस्य चुनी गईं। केशुभाई पटेल की सरकार में उन्हें शिक्षा मंत्री बनाया गया। इसके बाद 2007-2014 तक उन्होंने राजस्व मंत्री का कार्यभार संभाला।
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आनंदीबेन पटेल
22 मई, 2014 को उन्होंने गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री होने का खिताब अपने नाम किया। अपने कार्यकाल में उन्होंने गुजरात को 100 प्रतिशत खुले में शौच-मुक्त करने का अभियान चलाया। सभी महिलाओं के लिए कैंसर की जांच और मुफ्त इलाज की शुरुआत की। उन्होंने नर्मदा के पानी को खेत तक पहुंचाने के लिए सर्वसम्मति से जमीन संपादन का अभियान चलाया। वैसे तो उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल काफी उपलब्धियों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने अपने निजी कारणों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। आनंदीबेन के बाद विजय रूपाणी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था।
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आनंदीबेन पटेल
- फोटो : self
आनंदी बेन पटेल ने कई मौकों पर विश्व पटल पर भारत और गुजरात का प्रतिनिधित्व किया। वह 1996 में भारतीय संसदीय दल के साथ बुल्गारिया की यात्रा और फ्रांस, जर्मनी, हॉलैंड, इंग्लैंड, नीदरलैंड, अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको आदि की शिक्षा अध्ययन यात्रा में शामिल रहीं। इसके बाद 2002 में कॉमनवेल्थ पार्लियामेन्टरी एसोसिएशन की गुजरात शाखा के दल के साथ नामीबिया-दक्षिण अफ्रीका में 48वीं कांफ्रेन्स में सम्मिलित हुईं। इसके बाद सितंबर 2009 में लंदन में 'विलेज इंडिया' प्रोग्राम में गुजरात का प्रतिनिधित्व किया।