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10 सितंबर का इतिहास- विमान अपहरण की सनसनीखेज घटना का गवाह
भाषा
Updated Mon, 10 Sep 2018 01:27 PM IST
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आज के दिन का इतिहास
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देश में आपातकाल के हंगामों के बीच 1976 में 10 सितंबर के दिन इंडियन एयरलाइंस के एक विमान को बड़े नाटकीय अंदाज में अगवा कर लिया गया था और उतने ही सनसनीखेज अंदाज से उसमें सवार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया था। आज के दिन यानि दस सितंबर को कई घटनायें हुईं जो देश और दुनिया के लिए यादगार हैं....आईए जानते हैं।
प्लेन हाईजैक-1976
10 सितंबर, 1976 को दिल्ली के पालम हवाई अड्डे से इंडियन एयरलाइंस के बोइंग 737 विमान ने 66 यात्रियों के साथ मुंबई (तब बंबई) के लिए उड़ान भरी थी। रास्ते में दो अपहरणकर्ताओं ने पायलट को पिस्तौल दिखाकर विमान का अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ता विमान को लीबिया ले जाना चाहते थे, लेकिन पायलट की समझदारी से विमान को लाहौर ले जाया गया और वहां पाकिस्तानी अधिकारियों के सहयोग से विमान यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। यह घटना दोनो देशों की सरकारों के अनूठे तालमेल की मिसाल है।
पहली सिलाई मशीन
इतिहास में 1846 में आज के ही दिन एलायस होवे ने सिलाई मशीन का पेटेंट कराया। सिलाई मशीन हर घर की सबसे जरूरी चीज बन गई। महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और मजबूत बनाने में सिलाई मशीन का अभूतपूर्व योगदान है।
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हवाई का पहला थियेटर
1847 में दस सितंबर को हवाई द्वीप में पहला थियेटर खुला।ये खास इस लिए भी था क्योंकि पहली बार फायर प्रूफ थियेटर का निर्माण हुआ था।
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गोविंद बल्लभ पंत
1887 में भारतीय स्वतन्त्रता सेनानी एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री गोविन्द बल्लभ पंत का जन्म हुआ था।काकोरी कांड करके उत्तर प्रदेश के नवयुवकों ने सरकारी खजाना लूट लिया तो उनके मुकदमें की पैरवी के लिये अन्य वकीलों के साथ पन्त जी ने जी-जान से सहयोग किया। उस समय वे नैनीताल से स्वराज पार्टी के टिकट पर लेजिस्लेटिव कौन्सिल के सदस्य भी थे।