{"_id":"65046cc07381f719a60a4f21","slug":"10-schemes-of-modi-government-related-to-the-common-man-and-effect-on-your-life-2023-09-15","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Modi Government Schemes: आम आदमी से जुड़ी मोदी सरकार की 10 योजनाएं, जानें आपकी जिंदगी पर इनका क्या असर पड़ा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Modi Government Schemes: आम आदमी से जुड़ी मोदी सरकार की 10 योजनाएं, जानें आपकी जिंदगी पर इनका क्या असर पड़ा
Sun, 17 Sep 2023 05:20 AM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Sun, 17 Sep 2023 05:20 AM IST
सार
Modi Government Schemes: अपने नौ साल के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान नरेंद्र मोदी ने कई योजनाओं की शुरुआत की। इसका लाभ भी करोड़ों देशवासियों को मिला।
विज्ञापन
Happy Birthday Prime minister Narendra Modi
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्रधानमंत्री का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उन्हें प्रधानमंत्री बने हुए भी नौ साल से भी अधिक हो चुके हैं। 26 मई 2014 को उन्होंने पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में वे दोबारा प्रधानमंत्री बने।
प्रधानमंत्री जनधन योजना
- फोटो : अमर उजाला
1. पीएम जनधन योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) की घोषणा की गई थी। इस योजना के माध्यम से देश के सभी लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस योजना के तहत अब तक 50 करोड़ से भी अधिक लाभार्थियों को बैंकिंग सुविधा दी गई है। पीएमजेडीवाई खातों के तहत कुल जमा राशि 2,03,505 करोड़ रुपये है। इन खातों की संख्या मार्च 2015 के 14.72 करोड़ से 3.4 गुना बढ़कर 2023 में मध्य अगस्त तक 50.09 करोड़ हो गई। वित्त मंत्रालय ने बताया कि लगभग 56 प्रतिशत जनधन खाताधारक महिलाएं हैं और तकरीबन 67 प्रतिशत जन धन खाते ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। पीएमजेडीवाई खाताधारकों को कुल 33.98 करोड़ ‘रुपे कार्ड’ जारी किए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2014 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) की घोषणा की गई थी। इस योजना के माध्यम से देश के सभी लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस योजना के तहत अब तक 50 करोड़ से भी अधिक लाभार्थियों को बैंकिंग सुविधा दी गई है। पीएमजेडीवाई खातों के तहत कुल जमा राशि 2,03,505 करोड़ रुपये है। इन खातों की संख्या मार्च 2015 के 14.72 करोड़ से 3.4 गुना बढ़कर 2023 में मध्य अगस्त तक 50.09 करोड़ हो गई। वित्त मंत्रालय ने बताया कि लगभग 56 प्रतिशत जनधन खाताधारक महिलाएं हैं और तकरीबन 67 प्रतिशत जन धन खाते ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। पीएमजेडीवाई खाताधारकों को कुल 33.98 करोड़ ‘रुपे कार्ड’ जारी किए गए हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना
- फोटो : अमर उजाला
2. सुकन्या समृद्धि योजना
देश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और उनकी और तरक्की के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी। पैसे के कारण जो परिवार अपने बच्चों को पढ़ा नहीं सकते थे खास तौर पर लड़कियों को, उनकी चिंता दूर करने के लिए सरकार सुकन्या समृद्धि योजना लेकर आई। इसमें निवेश कर बेटी की पढ़ाई से लेकर शादी तक के खर्चे के पैसे जोड़ सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 10 वर्ष से कम आयु की बेटियों का खाता उनके माता-पिता के नाम पर ही खुलता है। इस योजना के तहत पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर खाता खुलवा सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना 21 साल में मैच्योर होती है। हालांकि, लड़की की उम्र 18 साल होने के बाद पढ़ाई के लिए इस खाते से राशि निकाली जा सकती है, लेकिन पूरी रकम 21 साल के बाद ही मिलती है।
देश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और उनकी और तरक्की के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की थी। पैसे के कारण जो परिवार अपने बच्चों को पढ़ा नहीं सकते थे खास तौर पर लड़कियों को, उनकी चिंता दूर करने के लिए सरकार सुकन्या समृद्धि योजना लेकर आई। इसमें निवेश कर बेटी की पढ़ाई से लेकर शादी तक के खर्चे के पैसे जोड़ सकते हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 10 वर्ष से कम आयु की बेटियों का खाता उनके माता-पिता के नाम पर ही खुलता है। इस योजना के तहत पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर खाता खुलवा सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना 21 साल में मैच्योर होती है। हालांकि, लड़की की उम्र 18 साल होने के बाद पढ़ाई के लिए इस खाते से राशि निकाली जा सकती है, लेकिन पूरी रकम 21 साल के बाद ही मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
3. उज्ज्वला योजना
मई 2016 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और वंचित परिवारों के लिए एलपीजी जैसे स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक प्रमुख योजना के रूप में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत एक मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में की थी। ये कार्यक्रम उन लोगों के लिए आरंभ किया गया जो ईंधन के रूप में जलावन लकड़ी, कोयला, गोबर के उपले आदि जैसे पारंपरिक खाना पकाने के ईंधन का उपयोग कर रहे थे। इसके पीछे की वजह बताते हुए सरकार ने कहा कि पारंपरिक खाना पकाने के ईंधन के उपयोग से ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
योजना का असर: इस योजना के अंतर्गत मार्च 2020 तक वंचित परिवारों को आठ करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया था। प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में सात सितंबर 2019 को ही आठ करोड़ वें एलपीजी कनेक्शन को सुपुर्द किया। इस योजना से एलपीजी कवरेज एक मई 2016 को 62% से बढ़कर एक अप्रैल 2021 तक 99.8% हो गई। बाद में पीएमयूवाई योजना के तहत 1.6 करोड़ एलपीजी कनेक्शन का अतिरिक्त आवंटन करने के लिए उज्ज्वला 2.0 योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के महोबा में किया था।
31 मई 2023 तक प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत कुल 9,58,59,418 कनेक्शन जारी किए गए। इस योजना के तहत बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन बांटे गए। इससे सबसे बड़ा फायदा उन गरीब महिलाओं को हुआ, जो धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं।
मई 2016 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और वंचित परिवारों के लिए एलपीजी जैसे स्वच्छ खाना पकाने के ईंधन को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक प्रमुख योजना के रूप में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत एक मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में की थी। ये कार्यक्रम उन लोगों के लिए आरंभ किया गया जो ईंधन के रूप में जलावन लकड़ी, कोयला, गोबर के उपले आदि जैसे पारंपरिक खाना पकाने के ईंधन का उपयोग कर रहे थे। इसके पीछे की वजह बताते हुए सरकार ने कहा कि पारंपरिक खाना पकाने के ईंधन के उपयोग से ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
योजना का असर: इस योजना के अंतर्गत मार्च 2020 तक वंचित परिवारों को आठ करोड़ एलपीजी कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य रखा गया था। प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में सात सितंबर 2019 को ही आठ करोड़ वें एलपीजी कनेक्शन को सुपुर्द किया। इस योजना से एलपीजी कवरेज एक मई 2016 को 62% से बढ़कर एक अप्रैल 2021 तक 99.8% हो गई। बाद में पीएमयूवाई योजना के तहत 1.6 करोड़ एलपीजी कनेक्शन का अतिरिक्त आवंटन करने के लिए उज्ज्वला 2.0 योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के महोबा में किया था।
31 मई 2023 तक प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत कुल 9,58,59,418 कनेक्शन जारी किए गए। इस योजना के तहत बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन बांटे गए। इससे सबसे बड़ा फायदा उन गरीब महिलाओं को हुआ, जो धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
- फोटो : अमर उजाला
4. पीएम किसान सम्मान निधि
छोटे और सीमांत किसान परिवारों (जिनके पास दो हेक्टेयर तक जमीन है) को इस योजना का लाभ मिलता है। योजना के तहत सरकार किसान परिवारों को सालाना छह हजार रुपये देती है। ये राशि तीन किश्तों में दी जाती है।
योजना का असर: सरकार की तरफ से मिलने वाली इस निधि से छोटे किसानों को काफी फायदा मिला है। इसके जरिए किसान आसानी से अपनी फसल तैयार कर पाते हैं। खाद, बीज, पानी और अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है।
छोटे और सीमांत किसान परिवारों (जिनके पास दो हेक्टेयर तक जमीन है) को इस योजना का लाभ मिलता है। योजना के तहत सरकार किसान परिवारों को सालाना छह हजार रुपये देती है। ये राशि तीन किश्तों में दी जाती है।
योजना का असर: सरकार की तरफ से मिलने वाली इस निधि से छोटे किसानों को काफी फायदा मिला है। इसके जरिए किसान आसानी से अपनी फसल तैयार कर पाते हैं। खाद, बीज, पानी और अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है।