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भारत-बांग्लादेश व्यापार को मिलेगी रफ्तार: संयुक्त टास्क फोर्स बनाने की तैयारी, रोज पांच हजार वीजा होगा जारी
Sun, 20 Sep 2026 10:44 PM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sun, 20 Sep 2026 10:44 PM IST
सार
भारत और बांग्लादेश व्यापार व निवेश को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त टास्क फोर्स बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों पक्ष टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने, कारोबारियों के बीच संपर्क बढ़ाने और बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य समेत उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।
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FBCCI से मिले उप उच्चायुक्त पवनकुमार तुलसीदास
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए दोनों देश एक संयुक्त टास्क फोर्स बनाने पर चर्चा कर रहे हैं। इस पहल का मकसद दोनों देशों के कारोबारियों और दूसरे संबंधित पक्षों को एक मंच पर लाकर व्यापार बढ़ाने और निवेश की राह आसान करना है। भारत के उप उच्चायुक्त पवनकुमार तुलसीदास बढ़े ने रविवार को बांग्लादेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FBCCI) के प्रशासक एम. फजलुल हक से मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी।
कारोबारियों को करीब लाने में अहम भूमिका निभाएगा टास्क फोर्स
बढ़े के मुताबिक, भारतीय उच्चायोग दोनों देशों की सरकारों के साथ लगातार संपर्क और बातचीत कर रहा है, ताकि संयुक्त टास्क फोर्स के गठन की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स दोनों देशों के कारोबारियों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच संपर्क बढ़ाकर व्यापार और निवेश के विस्तार में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बांग्लादेश के निजी क्षेत्र से, खासकर FBCCI से, इस पहल को आगे बढ़ाने में सहयोग मांगा।
व्यापार बढ़ाने के लिए दोनों देशों के कारोबारी आएं साथ
FBCCI के प्रशासक एम. फजलुल हक ने भी कहा कि संयुक्त टास्क फोर्स भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार बढ़ाने और आपसी सहयोग को मजबूत करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने दोनों देशों के कारोबारियों और उद्यमियों से संभावनाओं वाले क्षेत्रों में व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। बैठक में दोनों देशों के बीच कारोबार को आसान बनाने के रास्तों पर भी चर्चा हुई। इसमें टैरिफ यानी आयात शुल्क के साथ-साथ गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने और कारोबारी रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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बांग्लादेशियों के लिए वीजा प्रक्रिया आसान
भारत के उप उच्चायुक्त ने यह भी बताया कि भारत आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में वीजा प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उच्चायोग फिलहाल हर दिन करीब 5,000 वीजा जारी कर रहा है।
FBCCI और CII पहले ही बना चुके हैं कारोबारी टास्क फोर्स की योजना
भारत और बांग्लादेश के बीच संयुक्त टास्क फोर्स को लेकर यह चर्चा ऐसे समय में हुई है, जब इसके ठीक दो दिन पहले FBCCI और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने कारोबारी स्तर पर टास्क फोर्स बनाने पर सहमति जताई थी। ढाका में हुई बैठक में दोनों संगठनों ने व्यापार और निवेश से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए बिजनेस-टू-बिजनेस टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया था।
गैर-टैरिफ बाधाएं बांग्लादेशी निर्यातकों के लिए बड़ी चुनौती
ढाका में कारोबारी नेताओं और अधिकारियों ने पहले बताया था कि भारत में बांग्लादेशी निर्यातकों को कई गैर-टैरिफ बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इनमें सामान की जांच और प्रमाणन की जरूरतें, कस्टम से जुड़ी प्रक्रियाएं, बंदरगाहों पर पाबंदियां, लाइसेंस संबंधी नियम और ज्यादा लॉजिस्टिक्स लागत जैसी समस्याएं शामिल हैं।
2025 में भारत ने कुछ सामानों की एंट्री को किया था सीमित
भारत की ओर से 2025 में लगाए गए कुछ प्रतिबंधों के कारण तैयार कपड़ों, प्रोसेस्ड फूड, प्लास्टिक, फर्नीचर और अन्य सामानों की भारत में एंट्री कुछ निर्धारित भूमि बंदरगाहों तक सीमित कर दी गई थी। बांग्लादेशी कारोबारी लंबे समय से व्यापार में आने वाली ऐसी बाधाओं को कम करने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं।
ये भी पढ़ें: जेल में इमरान खान की हुई मेडिकल जांच: आंखों से लेकर ब्लड प्रेशर तक चेक, फिर भी सेहत को लेकर क्यों बढ़ी बेचैनी?
बुनियादी ढांचे से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र तक निवेश की उम्मीद
FBCCI और CII की बैठक के बाद फजलुल हक ने कहा था कि बांग्लादेश भारत के उस अनुभव से सीख सकता है, जिसके जरिए उसने निजी और विदेशी निवेश को बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में आकर्षित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि गैस और बिजली से जुड़ी चुनौतियों के बीच बांग्लादेश ऊर्जा क्षेत्र से आगे दूसरे क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित करना चाहता है। वहीं, CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि भारतीय कंपनियां बांग्लादेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और उभरते हुए क्षेत्रों में अपना निवेश बढ़ाना चाहती हैं।
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कारोबारियों को करीब लाने में अहम भूमिका निभाएगा टास्क फोर्स
बढ़े के मुताबिक, भारतीय उच्चायोग दोनों देशों की सरकारों के साथ लगातार संपर्क और बातचीत कर रहा है, ताकि संयुक्त टास्क फोर्स के गठन की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स दोनों देशों के कारोबारियों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच संपर्क बढ़ाकर व्यापार और निवेश के विस्तार में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बांग्लादेश के निजी क्षेत्र से, खासकर FBCCI से, इस पहल को आगे बढ़ाने में सहयोग मांगा।
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व्यापार बढ़ाने के लिए दोनों देशों के कारोबारी आएं साथ
FBCCI के प्रशासक एम. फजलुल हक ने भी कहा कि संयुक्त टास्क फोर्स भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार बढ़ाने और आपसी सहयोग को मजबूत करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने दोनों देशों के कारोबारियों और उद्यमियों से संभावनाओं वाले क्षेत्रों में व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। बैठक में दोनों देशों के बीच कारोबार को आसान बनाने के रास्तों पर भी चर्चा हुई। इसमें टैरिफ यानी आयात शुल्क के साथ-साथ गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने और कारोबारी रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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बांग्लादेशियों के लिए वीजा प्रक्रिया आसान
भारत के उप उच्चायुक्त ने यह भी बताया कि भारत आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में वीजा प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उच्चायोग फिलहाल हर दिन करीब 5,000 वीजा जारी कर रहा है।
FBCCI और CII पहले ही बना चुके हैं कारोबारी टास्क फोर्स की योजना
भारत और बांग्लादेश के बीच संयुक्त टास्क फोर्स को लेकर यह चर्चा ऐसे समय में हुई है, जब इसके ठीक दो दिन पहले FBCCI और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने कारोबारी स्तर पर टास्क फोर्स बनाने पर सहमति जताई थी। ढाका में हुई बैठक में दोनों संगठनों ने व्यापार और निवेश से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए बिजनेस-टू-बिजनेस टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया था।
गैर-टैरिफ बाधाएं बांग्लादेशी निर्यातकों के लिए बड़ी चुनौती
ढाका में कारोबारी नेताओं और अधिकारियों ने पहले बताया था कि भारत में बांग्लादेशी निर्यातकों को कई गैर-टैरिफ बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इनमें सामान की जांच और प्रमाणन की जरूरतें, कस्टम से जुड़ी प्रक्रियाएं, बंदरगाहों पर पाबंदियां, लाइसेंस संबंधी नियम और ज्यादा लॉजिस्टिक्स लागत जैसी समस्याएं शामिल हैं।
2025 में भारत ने कुछ सामानों की एंट्री को किया था सीमित
भारत की ओर से 2025 में लगाए गए कुछ प्रतिबंधों के कारण तैयार कपड़ों, प्रोसेस्ड फूड, प्लास्टिक, फर्नीचर और अन्य सामानों की भारत में एंट्री कुछ निर्धारित भूमि बंदरगाहों तक सीमित कर दी गई थी। बांग्लादेशी कारोबारी लंबे समय से व्यापार में आने वाली ऐसी बाधाओं को कम करने की जरूरत पर जोर देते रहे हैं।
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बुनियादी ढांचे से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र तक निवेश की उम्मीद
FBCCI और CII की बैठक के बाद फजलुल हक ने कहा था कि बांग्लादेश भारत के उस अनुभव से सीख सकता है, जिसके जरिए उसने निजी और विदेशी निवेश को बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में आकर्षित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि गैस और बिजली से जुड़ी चुनौतियों के बीच बांग्लादेश ऊर्जा क्षेत्र से आगे दूसरे क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित करना चाहता है। वहीं, CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि भारतीय कंपनियां बांग्लादेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और उभरते हुए क्षेत्रों में अपना निवेश बढ़ाना चाहती हैं।