{"_id":"625bc1eb90dc172f1834e0bb","slug":"today-s-funny-jokes-sasural-jokes-read-saas-ghar-jamai-chutkule-in-hindi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"आज के मजेदार जोक्स: जब घर जमाई ने कहा- आज से मैं रोटी नहीं चावल खाऊंगा, पढ़िए धमाकेदार चुटकुले","category":{"title":"Humour","title_hn":"हंसी-ठट्ठा","slug":"humour"}}
आज के मजेदार जोक्स: जब घर जमाई ने कहा- आज से मैं रोटी नहीं चावल खाऊंगा, पढ़िए धमाकेदार चुटकुले
Most Funny Chutkule in Hindi: हंसने-मुस्कुराने से हम मन प्रसन्न रहता है। काम के बढ़ते दबाव और महत्वाकांक्षाओं ने हमारी जिंदगी को तनाव से भर दिया है। अगर हमें मानसिक तनाव से होने वाली गंभीर से बचना है, तो हंसी को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लेना चाहिए। हंसने से हम कई बीमारियों से बच सकते हैं। इसीलिए हम आपको हंसाने के लिए हर दिन नए-नए जोक्स लेकर आते हैं। आज भी कुछ मजेदार चुटकुले लेकर आए हैं जिन्हें पढ़ने के बाद आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे।
एक बिहारी लड़का रेलवे में इंटरव्यू देने गया ,
बॉस -अगर दो ट्रेन एक ही पटरी पर आमने सामने आ रहीं हो तो क्या करोगे ,
लड़का- लाल झंडा दिखा दूंगा ,
बॉस- अगर झंडा नहीं मिला तो ,
लड़का- तो टॉर्च दिखा दूंगा ,
बॉस- अगर टॉर्च भी न मिली तो ?
लड़का- अपनी लाल शर्ट उतार कर दिखा दूंगा ,
बॉस- और तुम्हारी शर्ट भी लाल ना हो तो ?
लड़का- तो मैं अपनी बुआ के लड़के को फ़ोन करके बुलाऊंगा ,
बॉस- वो क्यों ?
लड़का- क्योंकि उसने कभी 2 ट्रेनों की टक्कर नहीं देखी।
2 of 7
वायरल चुटकुले
- फोटो : iStock
घर जमाई- आज से मैं रोटी नहीं चावल खाऊंगा।
सास- ऐसा क्यों?
घर जमाई- मोहल्ले वालों के ताने सुनकर थक गया हूं, रोज कहते हैं कि मैं ससुराल वालों की रोटी तोड़ता हूं।
3 of 7
वायरल चुटकुले
- फोटो : iStock
एक दिन मिंटू साइकिल से बाजार जा रहा था।
एक विदेशी आदमी आया और उसने मिंटू को रोक लिया।
विदेशी- मुझे ताजमहल जाना है।
मिंटू- तो जा न...सबको बताता रहेगा तो पहुंचेगा कब?
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
वायरल चुटकुले
- फोटो : iStock
टीचर ने क्लास में पूछा
सीनियर और जूनियर में क्या अंतर है बताओ?
सिर्फ चिंटू ने हाथ खड़ा किया...
टीचर ने कहा- शाब्बाश बेटा, बताओ?
चिंटू- सर, जो समुद्र के पास रहता हो उसे सीनियर (see-near) कहते हैं,
और जो चिड़ियाघर के पास रहता है, उसे जूनियर (zoo-near)...
विज्ञापन
5 of 7
वायरल चुटकुले
- फोटो : iStock
वैलेंटाइन डे पर एक दादा-दादी ने जवानी के दिनों को याद करने का फैसला किया…
अगले दिन दादा फूल लेकर वहीं पहुंचे जहां वो जवानी में मिला करते थे,
वहां खड़े-खड़े दादा के पैरों में दर्द हो गया लेकिन दादी नहीं आईं, घर जाकर दादा गुस्से से, “आईं क्यों नहीं?
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।