Jokes in Hindi: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों पर काम का दबाव इतना बढ़ गया है कि उनके पास हंसने-मुस्कुराने का भी समय नहीं है। काम के बढ़ते बोझ के कारण लोग जल्द ही मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं। अगर आपको मानसिक तनाव और इससे होने वाली बीमारियों से बचना है, तो हर दिन नियमित रूप से हंसना शुरू कर दीजिए। हंसने से मन की उदासी दूरी रहती है और घर में खुशहाली रहती है। आप हंसने में जोक्स और चुटकुलों की मदद ले सकते हैं। इसलिए हम आपको हंसाने के लिए कुछ मजेदार जोक्स और चुटकुले लेकर आए हैं, जिन्हें पढ़ने के बाद आप हंस हंसकर लोटपोट हो जाएंगे। तो आइए शुरू करते हैं हंसने और हंसाने का सिलसिला...
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Jokes: टीचर- शादियों मे फूका नाराज क्यों हो जाते हैं? छात्र ने दिया मजेदार जवाब
Fri, 02 Aug 2024 04:49 PM IST
ज्योति मेहरा
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Fri, 02 Aug 2024 04:49 PM IST
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टीचर- शादियों मे फूका नाराज क्यों हो जाते हैं?
छात्र- जो इज्जत दामाद की पोस्ट पर मिलती थी
वो अब फूफा की पोस्ट पर नही मिलती है।
छात्र- जो इज्जत दामाद की पोस्ट पर मिलती थी
वो अब फूफा की पोस्ट पर नही मिलती है।
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टीचर- तुम्हारे इतने कम नम्बर आते हैं
बकि रामू के इतने ज्यादा क्यों?
स्टूडेंट- पहले आप बताओ कि
आपकी मूंछ में इतने कम बाल क्यों हैं
जबकि वर्मा सर के इतने ज्यादा।
बकि रामू के इतने ज्यादा क्यों?
स्टूडेंट- पहले आप बताओ कि
आपकी मूंछ में इतने कम बाल क्यों हैं
जबकि वर्मा सर के इतने ज्यादा।
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लड़का- मास्टर जी! सर खुजलाने से
भूला हूआ याद क्यों आ जाता हैं?
मास्टर जी- उस दिन की पिटाई भूल गये या
फिर सर खुजाकर याद दिलाऊं।
भूला हूआ याद क्यों आ जाता हैं?
मास्टर जी- उस दिन की पिटाई भूल गये या
फिर सर खुजाकर याद दिलाऊं।
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एक आदमी मुर्गे का फर्म चलाता था
उसने किसी फौजी रिश्तेदार को दावत पर बुलाया
रिश्तेदार दो मुर्गे खा गया फिर भी उसका पेट नहीं भरा
उसकी नजर और मुर्गों पर थी
रिश्तेदार (आंगन में एक बूढे मुर्गे को देखकर)-
देखो, ये मुर्गा किस शान से लड़खड़ा रहा है
आदमी (चिढ़कर)- शान क्यों न हों? इसके दो
बेटे एक फौजी अधिकारी की सेवा जो कर चुके हैं
उसने किसी फौजी रिश्तेदार को दावत पर बुलाया
रिश्तेदार दो मुर्गे खा गया फिर भी उसका पेट नहीं भरा
उसकी नजर और मुर्गों पर थी
रिश्तेदार (आंगन में एक बूढे मुर्गे को देखकर)-
देखो, ये मुर्गा किस शान से लड़खड़ा रहा है
आदमी (चिढ़कर)- शान क्यों न हों? इसके दो
बेटे एक फौजी अधिकारी की सेवा जो कर चुके हैं