Hindi Chutkule: हम सभी को हर दिन नियमित रूप से हंसना चाहिए। हंसने के एक नहीं, बल्कि कई फायदे हैं। अगर आप खुलकर हंसते हैं, तो मानसिक तनाव की वजह से होने वाली गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं, क्योंकि हंसी एक दवा की तरह है। आप समय निकालकर दिन में कभी भी हंस सकते हैं। ऐसे मे आज हम आपको हंसाने के लिए लेकर आए कुछ फनी जोक्स (Jokes in Hindi) और मजेदार चुटकुले (Funny Chutkule in Hindi), जिन्हें पढ़ने के बाद आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। तो आइए चलते हैं हंसने और हंसाने के सफर पर.....
Funny Jokes: रात को कितने बजे सोते हो बेटा, चिंटू का जवाब सुनकर अंकल की बोलती हो गई बंद
Jokes In Hindi: जिंदगी इतनी भागमभाग हो चुकी है कि सेहतमंद रहना भी एक चुनौती बन गया है। लोगों को अपना ख्याल रखने का भी समय नहीं मिल पाता है। ऐसे में अगर आप हर दिन नियमित रूप से हंसते हैं, तो सेहत को काफी फायदा होता है।
चाचाजी ने नर्स से पूछा- ये किस की बोतल है?
नर्स- इसके अंदर विटामिन होते हैं, जिससे आपको भोजन जितनी शक्ति मिलेगी
चाचाजी- इसके बाद मुझे छाछ की बोतल चढ़ा देना,
मुझे भोजन करने के बाद छाछ पीने की आदत है......
पलटू- अंकल, मुझे पीएचडी की डिग्री मिल गई है, अब आप मेरा उधारी वाला खाता निकालो
दुकानदार- अरे बहुत अच्छा, आज सारा हिसाब चुकता करोगे क्या?
पलटू- नहीं अंकल, बस खाते में मेरे नाम के आगे डॉक्टर लगा दो
पलटू की बात सुनकर दुकानदार ने लट्ठ उठाकर उसको जमकर कूटा.....
जब लड़कियां कुंवारी होती हैं, तो चांद में अपना होने वाला पति देखती हैं
और जब शादी हो जाती है, तो अपने बच्चों से कहती है-
वो देखो चंदा मामा....
Desi Chutkule: लड़के ने महफिल में लड़की को देख मारा ऐसा शेर, पढ़कर खूब हंसेंगे आप
सास- सिर में बहुत दर्द हो रहा है
दामाद- सिरदर्द होने पर कुछ देर अपनी बेटी से बात किया करो मांजी
सास- ऐसा क्यों?
दामाद- आपने सुना तो होगा मांजी, जहर ही जहर को मारता है....
सास- एक बात पूछें दामाद जी?
दामाद- हां पूछिए
सास- तुम दारु पियत हो कबहु बताये नाही
दामाद- तुम्हार लड़की खून पियत है, तुम बताए थे का....
अपनी टीचर को मां की तरह समझो
पिंकू- लेकिन मैडम इससे तो हमारे पापा का
कैरेक्टर खराब होगा
टीचर बेहोश......
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)