दिनभर की भागदौड़ के बीच छोटी-छोटी खुशियां ही जिंदगी को खूबसूरत बनाती हैं। सुबह परिवार के साथ चाय पीना, रविवार को सबका एक साथ बैठकर नाश्ता करना, शाम को बच्चों के साथ थोड़ी देर खेलना या फिर किसी पुरानी बात को याद करके हंस पड़ना। ऐसे पल भले ही छोटे हों, लेकिन इनसे घर में अपनापन और खुशियां बनी रहती हैं। खासकर बच्चों के साथ बिताया गया समय तो कई बार दिनभर की थकान भी भुला देता है। उनकी मासूम बातें और अजीब से सवाल कभी सोचने पर मजबूर कर देते हैं, तो कभी हंसते-हंसते पेट में दर्द कर देते हैं। तो चलिए, पढ़ते हैं पिता और बेटे के कुछ छोटे-छोटे जोक्स, जिनके जवाब आपको जरूर गुदगुदाएंगे।
चुटकुले: होमवर्क को लेकर पापा ने पूछा सवाल, बेटे ने ऐसा जवाब दिया कि माथा पकड़ लेंगे
Chutkule: पिता और बेटे के बीच होने वाली बातचीत में कभी सीख होती है तो कभी ऐसी हाजिरजवाबी कि पापा भी मुस्कुराने लगते हैं। पढ़ाई, जिम्मेदारी और रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों पर होने वाली यह नोकझोंक रिश्ते को और खास बना देती है। पिता और बेटे के ये मजेदार जोक्स भी इसी प्यारे रिश्ते की झलक दिखाते हैं।
पापा - बेटा, तुमने आज स्कूल में क्या नया सीखा?
बेटा - यही कि सवाल पूछने से पहले जवाब पता होना चाहिए।
पापा - ऐसा क्यों?
बेटा - आज टीचर ने पूछा कि होमवर्क कहां है, मैंने कहा पता नहीं। फिर उन्होंने मुझे पूरा पीरियड समझाया।
पापा - अगर तुम्हारे पास सौ रुपये हों और मैं तुमसे पचास रुपये मांग लूं, तो तुम्हारे पास कितने बचेंगे?
बेटा - सौ रुपये।
पापा - वो कैसे?
बेटा - पापा, पैसे तो आपके पास ही रहेंगे, मैं आपको देने थोड़े ही वाला हूं!
पापा - बेटा, कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। हर काम को मेहनत से करना चाहिए।
बेटा - सही कहा पापा।
पापा - तो जरा अपना कमरा साफ कर लो।
बेटा - पापा, मैं तो बड़े काम करने के लिए तैयार हूं। छोटे कामों के लिए आप मुझे क्यों रोक रहे हैं?
पापा - बेटा, तुम्हें मुझसे क्या सीखना है?
बेटा - पापा, आपकी तरह धैर्य रखना सीखना है।
पापा - बहुत अच्छी बात है। तुम्हें ऐसा क्यों लगता है?
बेटा - क्योंकि आप हर महीने मेरी रिपोर्ट कार्ड देखकर भी अगले महीने अच्छे नंबरों की उम्मीद रखते हैं!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)