हाथों में तिरंगा और भारत माता के जयकारों ने रोहतक शहर को देशभक्ति के जज्बे से भर दिया। मानसरोवर पार्क के समीप सुभाष चौक से अशोका चौक, डी-पार्क, मेडिकल मोड, पावर हाउस होते हुए तिरंगा यात्रा जाट शिक्षण संस्थान के खेल मैदान तक निकाली गई। इसमें शामिल विद्यार्थियों, शिक्षकों के साथ शहरवासियों के दिलों में हिलौरे मारता देशभक्ति का जज्बा देखने को मिला। मौका था अमर उजाला, एलपीएस बोसार्ड, डीजीवी पब्लिक स्कूल, एएमएस ग्लोबल स्कूल की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मां तुझे प्रणाम कार्यक्रम का।
मां तुझे प्रणाम: तिरंगा यात्रा निकाल रोहतक ने मनाया आजादी का जश्न, भारत माता के जयकारों ने भरा देशभक्ति का जोश
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यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने तिरंगा हाथ में लेकर शहर के मुख्य मार्ग से गुजरे। विद्यार्थियों का सभी चौराहों पर व विपरित दिशा में आ रहे वाहनों में सवार लोगों ने हाथ हिला कर अभिवादन किया। कार्यक्रम में, ग्रेटल शर्मा, डॉ. प्रीति, राज आलमपुर, अरुण मिश्रा, जाट कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शबनम राठी, प्रिजिडियम स्कूल से राजीव कादयान, नवनीत अहलावत, बाबूराम आदि मौजूद रहे।
ये रहे शामिल
शिक्षा भारती स्कूल, नवयुग, द आर्यन ग्लोबल स्कूल, शीतल स्पोर्ट्स स्कूल किलोई, सैनी गर्ल्ज और बॉयज स्कूल, विक्रमादित्या स्कूल मोरखेड़ी, कोटा क्लासेज, प्रिजिडियम स्कूल, डीएवी स्कूल, एफडीडीआई कॉलेज, एएमएस ग्लोबल स्कूल, एफडीडीआई
जाट शिक्षण संस्थान के खेल मैदान में विद्यार्थियों का तिंरगा बनाने में कोरियोग्राफी एफडीडीआई के विद्यार्थियों ने की। विद्यार्थियों के बनाए गए तिरंगा ने कार्यक्रम को चार चांद लगा दिया और सभी के लिए यादगार बना दिया। कार्यक्रम के लिए विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
हर दिवस हमारे लिए पर्व के समान है। देश को आजादी दिलाने वाले महानायकों को याद करना आवश्यक है। हम 200 वर्ष गुलाम रहे हैं और दुबारा गुलाम न हो, इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। हमें पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जलसंरक्षण पर काम करना होगा। हमें लीडर सही चुनना होगा और वोट सभी को अनिवार्य रूप से करना चाहिए। सरकार और विपक्ष दोनों की जरूरत है। अग्निवीर देश के लिए और हर परिवार के लिए बेहतर है। आज मौसम परिवर्तन सबसे बड़ी समस्या है। गेहूं की उपज कम होती जा रही है, ऐसे में जनता को खाना कैसे मिलेगा। फोन ने सबको गुलाम बना लिया है, उससे बचें। -राजेश जैन, एमडी, एलपीएस बोसार्ड