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ग्राउंड रिपोर्ट : हरियाणा के इस हिस्से में रेत ने नहरों को ढका, तीन दशक से पानी की बाट जोह रहे लोग
Mon, 22 Feb 2021 12:03 PM IST
निवेदिता वर्मा
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, सिवानी/भिवानी (हरियाणा)
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, सिवानी/भिवानी (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 22 Feb 2021 12:03 PM IST
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सिंचाई विभाग करवा रहा है नहरों का निर्माण
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में हिसार-राजगढ़ रोड पर स्थित भिवानी जिले का सिवानी क्षेत्र विविधताओं से भरा हुआ है। राजस्थान के लिए जा रहे राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों तरफ के नजारे में जमीन-आसमान का अंतर है। सड़क के साथ लगते खेत हरे-भरे हैं तो गांवों की तरफ बढ़ते ही सूखे टिब्बों की भरमार है। कारण, यहां की नहरें लगभग तीन दशक तक रेत तले दफन रहीं। जैसे-जैसे इन नहरों में पानी आना बंद होता गया यह तूफान में रेत के नीचे दफन होती रहीं। अब ग्रामीणों को इंतजार है कि वे इन नहरों में पानी देखें।
सिवानी में सूखी पड़ी नहरें।
- फोटो : अमर उजाला
यही स्थिति हिसार जिले के नलवा क्षेत्र की भी है। वहां भी लगभग चार दशक तक नहरों को रेत ने अपने से ऊपर आने ही नहीं दिया। हिसार सिंचाई डिवीजन और सिवानी सिंचाई उपमंडल के अधिकारियों से यहां के बाशिंदों को इन नहरों के कायाकल्प होने का इंतजार है। नहरों के दोबारा अस्तित्व में आने और खेत-खेत नहरी पानी पहुंचने से सिवानी बाजार की तरफ की जमीन के भाव चढ़ जाएंगे तो सड़क के दूसरी तरफ रेलवे लाइन के साथ लगते क्षेत्र में अभी मंदी है। जैसे ही उस तरफ बन रही नहरों में पानी आएगा, किसानों को हालात बदलने की उम्मीद है।
सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : फाइल फोटो
हमारी प्राथमिकता है पानी पहुंचाना : मनोहर लाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि प्रदेश में हर वह क्षेत्र जहां पानी कम है वहां पानी पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। भिवानी और लोहारु पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां हर गांव और खेत में नहरी पानी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। पुरानी नहरों को खोदकर नए सिरे से निर्माण कार्य जारी है। सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग भाखड़ा सिस्टम से सिवानी तक सभी नहरों को नए सिरे से पक्का कर रहा है। अनेक जगह काम प्रगति पर है। इससे नहरों से रिसाव के कारण व्यर्थ हो रहे पानी की बचत होगी। नहरों के पुराने होने के कारण इन्हें मरम्मत की जरूरत थी, जिसका प्रस्ताव सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया था। सीएम ने उसे मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि प्रदेश में हर वह क्षेत्र जहां पानी कम है वहां पानी पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। भिवानी और लोहारु पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां हर गांव और खेत में नहरी पानी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। पुरानी नहरों को खोदकर नए सिरे से निर्माण कार्य जारी है। सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग भाखड़ा सिस्टम से सिवानी तक सभी नहरों को नए सिरे से पक्का कर रहा है। अनेक जगह काम प्रगति पर है। इससे नहरों से रिसाव के कारण व्यर्थ हो रहे पानी की बचत होगी। नहरों के पुराने होने के कारण इन्हें मरम्मत की जरूरत थी, जिसका प्रस्ताव सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया था। सीएम ने उसे मंजूरी दे दी है।
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हरियाणा में चल रहा नहरों का निर्माण कार्य।
- फोटो : अमर उजाला
सिवानी कैनाल के जीर्णोद्धार से बचेगा 50 क्यूसिक पानी
लोहारु क्षेत्र की विभिन्न माइनर व रजबाहों पर 50 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। सिवानी कैनाल के 75 हजार 600 फीट लंबे पुनर्निर्माण कार्य को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तीन बुर्जी तक काम पूरा हो चुका है। पुनर्निर्माण का सारा काम खत्म होने पर सिवानी कैनाल से ही 50 क्यूसिक पानी की बचत होगी।
लोहारु क्षेत्र की विभिन्न माइनर व रजबाहों पर 50 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। सिवानी कैनाल के 75 हजार 600 फीट लंबे पुनर्निर्माण कार्य को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। तीन बुर्जी तक काम पूरा हो चुका है। पुनर्निर्माण का सारा काम खत्म होने पर सिवानी कैनाल से ही 50 क्यूसिक पानी की बचत होगी।
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नहरों का निर्माण कार्य
- फोटो : अमर उजाला
मिठी डिस्ट्रीब्यूटरी के निर्माण से होने वाले लाभ का इंतजार
मिठी डिस्ट्रीब्यूटरी के नवनिर्माण पर 10 करोड़ खर्च हो रहे हैं। 63 बुर्जी तक इसका निर्माण होने से हरियावास, मंडोलीकलां, मंडोलीखुर्द, गोपालवास, मिठी, मतानी, मोरका, सिवाच, ढाणी भाकरा के किसानों की जमीन की सिंचाई खरीफ सीजन में होने लगेगी। सिवानी क्षेत्र की सभी माइनर की रिमॉडलिंग का काम भी 31 मार्च पूरा करने का लक्ष्य है।
मिठी डिस्ट्रीब्यूटरी के नवनिर्माण पर 10 करोड़ खर्च हो रहे हैं। 63 बुर्जी तक इसका निर्माण होने से हरियावास, मंडोलीकलां, मंडोलीखुर्द, गोपालवास, मिठी, मतानी, मोरका, सिवाच, ढाणी भाकरा के किसानों की जमीन की सिंचाई खरीफ सीजन में होने लगेगी। सिवानी क्षेत्र की सभी माइनर की रिमॉडलिंग का काम भी 31 मार्च पूरा करने का लक्ष्य है।