मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट रामगढ़ताल के किनारे विकसित नया सवेरा के पिछले छोर पर मनबढ़, गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। टाइल्स से लेकर बैठने के लिए बनी सीमेंट की बेंच तक तोड़ दे रहे हैं। ओपन जिम का भी हाल खराब हो गया है। बहुत सी मशीनों को क्षति पहुंचा दी गई है।
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रामगढ़ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
वहीं, नया सवेरा के मुख्य द्वार पर भीड़ अधिक होने से व्यवस्था चाक चौबंद है। यहां पुलिस चौकी होने से भी मनबढ़ों में भय रहता है, मगर चिड़ियाघर की तरफ आखिरी छोर पर भीड़ थोड़ी कम होने से अराजकता बढ़ती जा रही है।
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रामगढ़ताल।
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नया सवेरा की सुंदरता बढ़ाने के लिए जीडीए ने आकर्षक लाइटें लगा रखी हैं। मनबढ़, इन्हें भी चुरा ले जा रहे हैं। यही नहीं, रात में नया सवेरा का यह हिस्सा शराब और अन्य नशे का अड्डा भी बनता जा रहा है। सुबह-शाम वॉक करने वाले कुछ लोग विरोध करते हैं, तो ये मनबढ़ मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। मनबढ़ों ने डस्टबिन भी तोड़ दिया है। जीडीए यहां सुबह-शाम सफाई कराता है। मगर, तुरंत गंदगी फैल जाती है।
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रामगढ़ताल।
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लाइटें चोरी होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर जीडीए कई बार पुलिस प्रशासन से शिकायत भी कर चुका है। कुछ दिन तक गश्त बढ़ने पर सब सामान्य रहता है। मगर, फिर मनबढ़ तोड़फोड़ और चोरी शुरू कर देते हैं।
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नवागत नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह
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जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि नया सवेरा, शहर की पहचान है। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी की है। मनबढ़ों पर कार्रवाई के लिए पुलिस से भी सहयोग लिया जाएगा। साथ ही जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। चिह्नित कर नया सवेरा को क्षति पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।