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गोरखपुर: एम्स से पूरब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का होगा नया सूर्योदय, रंग लाया सीएम योगी का संघर्ष

Mon, 06 Dec 2021 05:23 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 06 Dec 2021 05:23 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल करेंगे एम्स गोरखपुर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री योगी के प्रयास से चिकित्सा और चिकित्सा शिक्षा का हब बना पूर्वी उत्तर प्रदेश।

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Prime Minister Narendra Modi will inaugurate AIIMS Gorakhpur
Gorakhpur AIIMS - फोटो : अमर उजाला।

पिछड़ेपन का दंश और बीमारू की पहचान। आधा दशक पहले तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के माथे की लकीरों से यही इबारत लिखी नजर आती थी। गोरखपुर-बस्ती मंडल के लोगों के इलाज के लिए उम्मीद की एकमात्र किरण बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर थी। सात जिलों की इतनी बड़ी आबादी का बोझ संभालते संभालते यह मेडिकल कालेज खुद बीमार हो चला था। पर, ये बातें अब अतीत के पन्नों में सिमट गई हैं। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही वर्ष 2017 से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस अंचल में बड़ा परिवर्तन दिखाई पड़ने लगा।



गोरखपुर-बस्ती मंडल में अब चार मेडिकल कॉलेज जनता की सेवा में हैं। एक का शिलान्यास हो चुका है, जबकि बाकी दो जिलों के लिए भी कार्ययोजना बन रही है। साथ ही विश्व स्तरीय व विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा वाले एम्स की भी सौगात के साथ पूरब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का नया सूर्योदय हुआ है।

 

Prime Minister Narendra Modi will inaugurate AIIMS Gorakhpur
सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर में स्थापित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का उद्घाटन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा। गोरखपुर में एम्स लाने और पूर्वी उत्तर प्रदेश को मेडिकल हब बनाने का श्रेय योगी आदित्यनाथ को है।

योगी के संघर्ष को मिला मुकाम

गोरखपुर में एम्स की स्थापना की मांग करीब डेढ़ दशक पुरानी रही। इसे लेकर 2004 से सांसद रहते हुए योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में लंबा जनांदोलन चला था। योगी ने सड़क से लेकर सदन तक पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती के लिए हमेशा आवाज बुलंद की। एम्स को लेकर उनकी मुखरता ही थी कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने तो उनके जरिये पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों की यह बहुप्रतीक्षित मांग पूरी कर ली गई। प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के बाद 22 जुलाई 2016 को उन्होंने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत इसका शिलान्यास किया था। इस बीच मार्च 2017 में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो इसके निर्माण की सारी बाधाएं एक झटके में दूर हो गईं।

 

Prime Minister Narendra Modi will inaugurate AIIMS Gorakhpur
AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

8 करोड़ से बढ़ी सुविधा

8 करोड़ रुपये की लागत से डुअल एनर्जी की रेडियोथेरेपी, ब्रेकीथेरेपी, सीटी सिम्युलेटर मशीनें भी जल्द लग जाएंगी। इससे हीमोफीलिया मरीजों की जांच व इलाज में कोई समस्या नहीं होगी।

करीब सात करोड़ आबादी को मिलेगा फायदा

गोरखपुर एम्स की चिकित्सकीय सुविधाओं का फायदा पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार, झारखंड और नेपाल तक के लोगों को मिलेगा। एक अनुमान के मुताबिक करीब सात करोड़ की आबादी के लिए विश्व स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा के किए यह एम्स सबसे बड़ा केंद्र बना है।

 

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AIIMS Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी चमका पूर्वी यूपी

गोरखपुर में एम्स और गोरखपुर बस्ती मंडल में क्रियाशील चार मेडिकल कॉलेजों से पूर्वी उत्तर प्रदेश न केवल चिकित्सा बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी तेजी से चमका है। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मेडिकल एजुकेशन काफी पहले से है, लेकिन 2017 में योगी के सीएम बनने तक पूर्वी उत्तर प्रदेश यहीं तक सीमित भी था।

अब बस्ती के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई चल रही है तो इसी सत्र से देवरिया और सिद्धार्थनगर के मेडिकल कॉलेजों में भी शुरू हो जाएगी। सबसे खास बात यह कि गोरखपुर में चिकित्सा के साथ चिकित्सा शिक्षा का भी बड़ा केंद्र एम्स हो जाने से ख्याति और बढ़ी है। वर्तमान में इस एम्स में एमबीबीएस सेकेंड बैच के छात्र अध्ययनरत हैं। आने वाले समय मे गोरखपुर में प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय भी शुरू हो जाएगा। 28 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इसका शिलान्यास कर चुके हैं।
 

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Prime Minister Narendra Modi will inaugurate AIIMS Gorakhpur
पीएम के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर गोरखपुर एम्स में तैयारियां पूरी हो गई है। - फोटो : अमर उजाला।

एम्स गोरखपुर एक नजर में...

  • शिलान्यास: 22 जुलाई 2016 को पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों
  • ओपीडी की शुरूआत: 24 फरवरी 2019
  • सामान्य मरीजों के छोटे ऑपरेशन: 14 जून से (250 ऑपरेशन)
  • परियोजना लागत: 1011 करोड रुपये
  • परिसर क्षेत्रफल: 112 एकड़
  • अस्पताल क्षमता: 750 बेड
  • शिक्षा सेवा: एमबीबीएस सेकेंड बैच।
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