आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में जीत से भाजपा की क्षेत्रीय, जिला व महानगर इकाई उत्साहित है। जीत के बाद आजमगढ़ से गोरखपुर तक जश्न मना है। आजमगढ़ के जीयनपुर, मऊ के दोहरीघाट, गोरखपुर के बड़हलगंज, कौड़ीराम और नौसड़ चौराहे पर पटाखे फोड़े गए। मिठाइयां बांटी गईं। एक दूसरे के गले मिलकर बधाइयां दी गईं। कहा गया कि इस जीत से मिशन-2024 की राह आसान होगी। सपा का मजबूत किला ढहने से भाजपा कार्यकर्ता उत्साह के साथ चुनाव मैदान में जाएंगे। सबका मनोबल ऊंचा रहेगा।
UP By-Election: सीएम योगी का और बढ़ा कद, भाजपा के लिए मिशन 2024 की राह होगी आसान
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क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि चुनाव का संदेश साफ है। जो काम करेगा, वही सत्ता में बना रहेगा। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन और शानदार रहेगा। गोरखपुर क्षेत्र की 13 में से 13 सीटें जीतने में सफलता मिलेगी। भाजपा के लिहाज से देखा जाए तो बंजर भूमि में कमल खिला है। पिछले कई चुनावों में असफलता मिली थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में ही सपा को बड़ी जीत मिली थी, लेकिन लोकसभा उपचुनाव में जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है। इस भरोसे को कायम रखा जाएगा।
क्षेत्र से दो भोजपुरी स्टार सांसद
क्षेत्र से दो भोजपुरी फिल्म स्टार सांसद बन गए हैं। रवि किशन ने 2019 का चुनाव शहर विधानसभा क्षेत्र से लड़ा और जीतकर संसद पहुंच गए। अब दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ आजमगढ़ से उपचुनाव जीतकर दिल्ली पहुंच गए। भाजपा संगठन के लिहाज से आजमगढ़ गोरखपुर क्षेत्र का हिस्सा है।
मोदी लहर में भी नहीं मिली थी जीत
प्रधानमंत्री के प्रत्याशी के रूप में नरेंद्र मोदी ने 2014 का चुनाव लड़ा था। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में मोदी की लहर थी, फिर भी आजमगढ़ में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। तब इस सीट से सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव चुनाव जीते थे। ठीक इसी तरह का नतीजा 2019 के चुनाव में आया था। हालांकि, तब बसपा और सपा के बीच गठबंधन था। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव संयुक्त प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते थे। लिहाजा, भाजपा नेता जीत को लेकर संशय में थे। सब कह रहे थे कि उपचुनाव में कांटे की टक्कर होगी, लेकिन जीत जाएंगे, यह भरोसे से कोई नहीं कह पा रहा था।
अब 11 लोकसभा क्षेत्रों में जीत
2014 के लोकसभा चुनाव में गोरखपुर क्षेत्र से भाजपा को 13 में से 12 सीटें मिली थीं, लेकिन यह आंकड़ा 2019 के चुनाव में गड़बड़ा गया था। आजमगढ़, लालगंज और घोसी (मऊ) में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। बलिया सीट भाजपा के पास आई थी। देखा जाए तो 13 में से 10 सीटें भाजपा ने जीती थीं। अब आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में जीत मिली है। लिहाजा, गोरखपुर क्षेत्र की 11 सीटें भाजपा के पास आ गई हैं।
पहली बड़ी जीत मान रहा संगठन
भाजपा का क्षेत्रीय संगठन आजमगढ़ उपचुनाव में जीत को बड़ी मान रहा है। क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि रमाकांत यादव ने एक बार पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता था, लेकिन रमाकांत का अपना प्रभाव था। यह पहला मौका है, जब भाजपा ने अपने दम पर चुनाव जीता है। संगठन ने हर बूथ पर काम किया। साथ ही मतदाताओं को मोदी-योगी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की जानकारी दी। जनता ने भरोसा जताया और सपा के गढ़ में कमल खिल गया।
आजमगढ़ को आर्यमगढ़ बनाने की मुहिम तेज होगी
उपचुनाव में जीत के बाद आजमगढ़ को आर्यमगढ़ बनाने की मुहिम और तेज होगी। आरएसएस गोक्ष प्रांत के संगठनात्मक कामकाज में आजमगढ़ को आर्यमगढ़ ही कहा जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कई बार जिले का नाम बदलने का संकेत दे चुके हैं। उपचुनाव में प्रचार के दौरान भी मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ की जनता से कहा था कि आर्यमगढ़ बनाने के लिए घरों से बाहर निकलें और मतदान करके भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाएं। अब उपचुनाव में जीत मिल चुकी है। लिहाजा, जिले के नाम बदलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री योगी का कद और बढ़ा
आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में जीत से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कद और बढ़ गया। मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार के आखिरी दिन गोरखपुर आए थे, फिर आजमगढ़ जाकर दो जनसभाएं कीं। भाजपा संगठन के लिहाज से आजमगढ़ भाजपा गोरखपुर क्षेत्र का हिस्सा है। मुख्यमंत्री गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, जो इसी क्षेत्र में आता है।
चार विधानसभा क्षेत्रों में मिली जीत
आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में जीत से भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के पदाधिकारियों का कद और बढ़ा है। क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह सहित तमाम पदाधिकारियों ने उप चुनाव में प्रचार के लिए आजमगढ़ में डेरा डाला था। बूथ स्तरीय चुनाव प्रबंधन को गति प्रदान की। इसी का नतीजा रहा कि संसदीय क्षेत्र के सगड़ी, मेंहनगर, गोपालपुर और आजमगढ़ शहर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली। सिर्फ मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र से ही सपा प्रत्याशी को जीत मिल सकी। मतलब साफ है कि जनता ने भाजपा को पंसद किया और जमकर मतदान किया।