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एनआरसी: असम में रह रहे गोरखपुरवासियों के बच्चों के ‘जन्म’ की हो रही जांच

Sat, 28 Dec 2019 04:45 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Sat, 28 Dec 2019 04:45 PM IST
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Gorakhpur's children birth certificate NRC Investigation in assam
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने वालों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
असम में रह रहे गोरखपुर के लोगों के बच्चों के ‘जन्म’ की जांच हो रही है। असम में राष्ट्रीयता नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के अंतर्गत प्रस्तुत किए गए जन्म प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए शासन की ओर से नगर निगम को भेजे गए हैं। नगर निगम की ओर से इसकी जांच हो रही है। अब तक तीन लोगों की जांच कर नगर निगम शासन को रिपोर्ट भेज चुका है।
Gorakhpur's children birth certificate NRC Investigation in assam
प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उमड़ रही भीड़। (फाइल फोटो)
नागरिकता अधिनियम 1955 के अंतर्गत नागरिकों के राष्ट्रीय जनसंख्या 1955 को अपडेट और पुष्ट करने के संबंध में असम सरकार द्वारा विभिन्न राज्य सरकारों से असम में निवास कर रहे उन लोगों के संबंध में जानकारी मांगी गई है, जिन्होंने दस्तावेज के तौर पर किसी भी राज्य का जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है।

इसी क्रम में असम सरकार एवं असम के राज्य समन्वयक की ओर से भेजे गए जन्म प्रमाणपत्र के संबंध में शासन की ओर से नगर निगम को सत्यापन के लिए भेजा गया है। इसके बाद नगर निगम की ओर से इसका सत्यापन शुरू कर दिया गया है।
Gorakhpur's children birth certificate NRC Investigation in assam
नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करते लोग। (फाइल फोटो)
यहां से नहीं जारी हुआ प्रमाणपत्र
मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से निदेशक स्थानीय निकाय को पत्र भेजकर लालमणी का जन्म प्रमाणपत्र यहां से नहीं बनने संबंधी रिपोर्ट दी है। कुरी बाजार खजनी की मूल निवासी विश्राम की पुत्री लालमती का 26 अप्रैल 1964 की जन्म तिथि का प्रमाणपत्र बना हुआ है। इस संबंध में स्थानीय निकाय निदेशक की ओर से जानकारी मांगी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह जन्म प्रमाणपत्र नगर निगम की ओर से जारी नहीं किया गया है। इसलिए इसका सत्यापन यहां से नहीं हो सकेगा।

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद नगर निगम में ‘मुर्दों’ का भी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कतार लग रही है। लोग ऐसे लोगों के मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने आ रहे हैं, जिनकी मौत 15-20 साल पहले ही चुकी है। हालांकि इस तरह का प्रमाणपत्र बनाया जाता रहा है, लेकिन इन दिनों इसकी संख्या काफी बढ़ गई है।
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Gorakhpur's children birth certificate NRC Investigation in assam
नागरिकता संशोधन कानून का विरोध। (फाइल फोटो)
देश में नागरिकता कानून लागू होने के बाद नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने वालों की भीड़ लग गई है। रोजाना कम से कम 100 लोग मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने क लिए आ रहे हैं। शुक्रवार को भी पादरी बाजार निवासी रहमान अपने पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने नगर निगम पहुंचे। निगम के कर्मचारी ने उन्हें आवेदनपत्र पर कम से कम पांच लोगों का हस्ताक्षर कराने समेत विभिन्न प्रमाणपत्रों को लगाने की जानकारी दी।

नगर निगम के जन्म एवं मृत्य प्रमाणपत्र विभाग के कर्मचारी ने बताया कि प्रावधान के अनुसार जिस व्यक्ति की मौत 15-20 साल पहले हो चुकी है, उनका मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उस समय के कम से कम पांच लोगों के हस्ताक्षर आवेदन पत्र पर जरूरी है। साथ ही विभिन्न अनुलग्न भी लगाना होगा। वहीं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने बताया कि इन दिनों मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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Gorakhpur's children birth certificate NRC Investigation in assam
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की रोकथाम में तैनात पुलिस।(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए ये संलग्न करना है जरूरी
- मृत्यु पंजीयन आवेदन फार्म के साथ पारिवारिक आवेदक की एक फोटो और उसका आधार कार्ड के अलावा मृतक की फोटो और आधार कार्ड देना होगा।
- अस्पताल में मौत होने पर अस्पताल की ओर से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र और घर में होने की स्थिति में शवदाह, कब्रिस्तान या चर्च द्वारा जारी प्रमाणपत्र
- नगर निगम सीमा के अंतर्गत मौत होने पर पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से देनी होगी।
- मृत्यु के 21 दिन बाद से एक वर्ष के अंतर्गत सभी मृत्यु प्रमाणपत्र आवेदन पत्र के साथ मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी के नाम का शपथ पत्र
- एक वर्ष के बाद आवेदन के साथ जिलाधिकारी के नाम शपथपत्र। साथ ही प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की ओर से प्रार्थना पत्र पर अनुमति लेनी होगी।
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