गोरखपुर महोत्सव के आयोजन की लगातार चार सालों से चली आ रही परंपरा भी इस साल कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ गई। जनहित के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए महोत्सव टाल दिया गया है। हालांकि अभी तय तिथि पर महोत्सव नहीं कराने का ही निर्णय हुआ है। यह तय नहीं हुआ है कि इस साल महोत्सव होगा ही नहीं।
पांच साल से चली आ रही परंपरा टूटी, इस बार नहीं होगा गोरखपुर महोत्सव
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वर्ष 2016 से हर साल 11 जनवरी से 13 जनवरी तक महोत्सव का आयोजन होता है। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार बनने के बाद महोत्सव को और भव्य रुप मिला। स्थानीय लोक कलाकारों को जहां महोत्सव के बहाने बड़ा मंच मिला वहीं बॉलीवुड और भोजपुरी के बड़े-बड़े कलाकार महोत्सव में शिरकत कर चुके हैं।
राज्यपाल इस महोत्सव का शुभारंभ करते हैं जबकि मुख्यमंत्री, समापन समारोह के मौके पर मौजूद रहते हैं। मगर इस बार कोरोना संक्रमण का प्रभाव अभी भी बने रहने की वजह से प्रशासन ने तय समय पर महोत्सव नहीं कराने का निर्णय किया है।
कमिश्नर व अध्यक्ष गोरखपुर महोत्सव समिति जयंत नार्लिक ने कहा कि महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। ऐसे में उनके संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा जिसकी वजह से प्रशासन ने इसे टालने का निर्णय किया। कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है।