गोरखपुर के आतंकी मुर्तजा अब्बासी के घर से पुलिस का ताला तो हट गया, लेकिन अब भी पुलिस का पहरा है। दो सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, मुर्तजा के कमरों में पुलिस का ताला लगा है।
एटीएस की जांच में सामने आया है कि मुर्तजा ने 700 रुपये में सिद्धार्थनगर के अलीगढ़वा से बांका खरीदा था। हमले की उसने साजिश बना ली थी, इससे पहले ही मोबाइल को फॉर्मेट करने के साथ ही सिमकार्ड निकाल दिया था। मोबाइल को रिकवर करने में टीमें लगीं हैं।
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Gorakhnath Mandir Attack
- फोटो : अमर उजाला
उधर, नेपाल में वह जिस व्यक्ति से मुलाकात करने गया था, उसकी तलाश तेज कर दी गई है। खबर है कि मुर्तजा से उसकी मुलाकात नहीं हो पाई थी, अगर मुलाकात हुई होती तो इससे बड़ी घटना कर सकता था।
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आरोपी मुर्तजा का घर
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक, मुर्तजा अब्बासी दो अप्रैल से घर से लापता हो गया था और फिर तीन अप्रैल की शाम को उसने गोरखनाथ मंदिर गेट पर जाकर सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया था। दो अप्रैल को किस गाड़ी से वह गया था और किन-किन रास्तों से गया था तथा कैसे लौटा था, टीम इसकी भी तस्दीक कर रही है। इसके लिए टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा रहे हैं। जांच एजेंसी पूछताछ में सामने आए तथ्यों का भौतिक सत्यापन कर रही है।
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आरोपी मुर्तजा
- फोटो : सोशल मीडिया
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, घर से लापता होने के बाद मुर्तजा नेपाल गया था। ऐसा उसने खुद कबूला है। बताया जा रहा है कि वहां उसे एक मस्जिद में किसी व्यक्ति से मिलना था पर उसकी मुलाकात नहीं हो पाई, जिसके बाद अगले दिन सिद्धार्थनगर- बांसी-नौगढ़ होते हुए वह लौटा था। जहां उसने बांका खरीदा है। वहां भी टीम ने तस्दीक की है। पता चला है कि उसने 700 रुपये में बांका खरीदा था। आने से पहले उसने मंदिर में पुलिसवालों पर हमले की साजिश रच ली थी।
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पुलिस हिरासत में आरोपी मुर्तजा
- फोटो : अमर उजाला
एटीएस नेपाल के बैंक खाते की भी जांच कर रही है। एटीएस के घर पहुंचने के बाद मुर्तजा उसी से मिलने नेपाल गया था, पर वह नहीं मिला। आशंका है कि अगर वह मिला होता तो फिर हो सकता है मुर्तजा के पास बांका की जगह असलहा होता और फिर कोई बड़ी वारदात हो सकती थी क्योंकि मुर्तजा ने खुद को जिहादी के तौर पर ही हमला किया था। वह मरना और मारना चाहता था।