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एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से बढ़ी दिक्कत: मरीज ने टेंपो से तय की 80 किमी की दूरी, तीमारदार हुए परेशान

Thu, 29 Jul 2021 07:59 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 29 Jul 2021 07:59 PM IST
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Ambulance workers strike increased problem in Gorakhpur
गोरखपुर में एंबुलेंस की हड़ताल। - फोटो : अमर उजाला।

एंबुलेंस चालकों के कार्य बष्हिकार ने इमरजेंसी के मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुरुवार को सिद्धार्थनगर का मरीज इलाज कराने के लिए टेंपों से गोरखपुर आया। यह दूरी करीब 80 किलोमीटर है। सबसे अधिक दिक्कतें प्रसव कराने जाने वाली महिलाओं को हुई है। जानकारी के मुताबिक बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन इमरजेंसी में 50 से अधिक मरीज इलाज के लिए 108 और 102 नंबर एंबुलेंस से आते हैं। पिछले चार दिनों से एंबुलेंस चालकों के कार्य बहिष्कार की वजह से मरीज निजी साधनों से इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।



सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ के बगहवा निवासी पुजारी गंभीर रुप से इलाज के लिए सिद्धार्थनगर जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां से डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बीआरडी रेफर कर दिया। परिजन 108 एंबुलेंस पर कॉल करते रहे। लेकिन नंबर नहीं उठा।

Ambulance workers strike increased problem in Gorakhpur
गोरखपुर में एंबुलेंस की हड़ताल। - फोटो : अमर उजाला।

मजबूरी में परिजन टेंपो से मरीज को लादकर 80 किलोमीटर का सफर तय करके बीआरडी पहुंचे थे, जहां पर उनका इलाज चल रहा है। बिहार के सिवान जिले के दरौली निवासी मरीज को बीआरडी से गंभीर हाल में लखनऊ रेफर किया गया। परिजन 108 नंबर एंबुलेंस पर कॉल करते रहे। लेकिन फोन नहीं उठा। अंत में परिजनों 10 हजार रुपये में निजी एंबुलेंस बुक करके लखनऊ लेकर जाना पड़ा।

 

Ambulance workers strike increased problem in Gorakhpur
गोरखपुर में एंबुलेंस की हड़ताल। - फोटो : अमर उजाला।

रिक्शे से जिला अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंचा मरीज
एंबुलेंस न मिलने के कारण स्थानीय मरीजों को ज्यादा परेशान होना पड़ा है। इसकी वजह से लोग रिक्शा, टेंपो से इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। नौसढ़ के रहने वाले सुशील जिला अस्पताल में रिक्शे के इलाज के लिए बारिश के बीच पहुंचे थे। बताया कि कई बार परिजनों ने 108 नंबर पर कॉल किया, लेकिन फोन नहीं उठा। मजबूरी में रिक्शे से इलाज के लिए आना पड़ा।


 

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Ambulance workers strike increased problem in Gorakhpur
गोरखपुर में एंबुलेंस की हड़ताल। - फोटो : अमर उजाला।
हर दिन 350 से अधिक कॉल
108 और 102 एंबुलेंस के पास हर 300 से अधिक मरीजों की कॉल आती है। इनमें 150 के आसपास 108 एंबुलेंस और 200 से अधिक कॉल 102 एंबुलेंस के लिए जाती है। 102 एंबुलेंस का उपयोग प्रसव कराने वाली महिलाएं और जांच के इस्तेमाल की जाती है। लेकिन पिछले चार दिनों से कार्य बहिष्कार होने के कारण मरीजों 1200 से अधिक मरीजों को यह सुविधाएं नहीं मिल पाई है।
 
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Ambulance workers strike increased problem in Gorakhpur
गोरखपुर में एंबुलेंस की हड़ताल। - फोटो : अमर उजाला
वहीं संतकबीरनगर जिले में जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ की चार दिनों से चल रही हड़ताल बृहस्पतिवार को प्रशासन की सख्ती के बाद खत्म हो गई। डीएम ने काम पर न लौटने पर एंबुलेंस कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। देर शाम अपर सीएमओ से वार्ता के बाद एंबुुलेंस कर्मी माने और काम पर लौट आए।
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