दक्षिण कोरिया में महिलाओं के लिए मेकअप करना और अच्छा दिखना बेहद अहम माना जाता है। अच्छा दिखने के लिए यहां महिलाएं घंटों मेकअप करती हैं। कई महिलाएं तो प्लास्टिक सर्जरी तक का सहारा लेती हैं। इसी वजह से यहां ब्यूटी पार्लर, मेकअप और ब्यूटी प्रोड्क्ट्स की काफी डिमांड है, जिसके चलते दिन-ब-दिन मेकअप इंडस्ट्री फलफूल रही है।
मेकअप की डिमांड को देखते हुए कॉस्मेटिक कंपनी अब यहां के बच्चों पर टार्गेट कर रही हैं। ये कंपनियां 4 से 10 साल की बच्चियाें के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट से लेकर स्पा की सर्विसेज देती हैं, जिसे देख वहां की बच्चियां इसकी तरफ काफी आकर्षित हो रही हैं। हाल यह है कि महज 7 साल की बच्ची भी स्कूल जाने से पहले मेकअप करना नहीं भूलती। उनके लिए होमवर्क, यूनिफॉर्म जितने जरूरी हैं, उतना ही जरूरी मेकअप भी है। यहां रहने वाली 7 साल की एक बच्ची कहती है, "मेकअप मुझे सुंदर बनाता है।"
बच्चों के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने वाली शुशु कॉस्मेटिक कंपनी का दावा है कि वो बच्चों के लिए हेल्दी कॉस्मेटिक उपलब्ध कराती है। इन ब्यूटी प्रोडक्ट्स में पानी में घुलने वाली नेल पॉलिश, फैंसी गर्ल साबुन, बकरी के दूध से बने शैम्पू और नॉन-टाॅक्सिक लिप कलर शामिल हैं। इन प्रोडक्ट्स की पैकिंग पर स्लोगन लिखा है- मैं बच्ची नहीं हूं।
बच्चियों के लिए खोले गए इन स्पा सेंटर में फुट मसाज से लेकर मेकअप और मेनीक्योर जैसी सर्विसेज दी जाती हैं। इसके लिए 1700 से 2500 रुपए तक चार्ज किए जाते हैं। बच्चियों में खूबसूरत दिखने की दीवानगी इस कदर बढ़ रही है कि उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर मेकअप ट्रिक शेयर करने शुरू कर दिए हैं।
एक तरफ दक्षिण कोरिया में बच्चियों के लिए खोले गए इन स्पा सेंटर का ट्रेंड बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ महिलाएं इसका विरोध कर रही हैं। इस आंदोलन के जरिए देश में महिलाओं के लिए अनिवार्य मेकअप के परंपरागत पैमानों को चुनौती दे रही हैं। वे मेकअप के इन परंपरागत पैमानों को तोड़ना चाहती हैं।