जब आप किसी पार्टी में जाएं और हर नजर बस आप पर ठहर जाए तो यह आपके आत्मविश्वास को एक नई ऊंचाई देता है। हर कोई कहे कि “वाह! कितनी खूबसूरती से इन्होंने अपनी त्वचा का ख्याल रखा है”, तो वह पल खास बन जाता है। आपका दमकता चेहरा और निखरी त्वचा सभी को प्रभावित करती है।
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What Is Skin Cycling: क्या होती है स्किन साइकिलिंग ? इसकी वजह से एक हफ्ते में खिल उठता है चेहरा
Mon, 09 Jun 2025 11:29 AM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Mon, 09 Jun 2025 11:29 AM IST
सार
What Is Skin Cycling: क्या आप बढ़ती उम्र में भी चेहरे को बेदाग, चमकदार और निखरा-निखरा बनाए रखना चाहती हैं? स्किन साइकिलिंग रूटीन इसमें आपकी मदद कर सकता है।
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क्या होती है स्किन साइकिलिंग ?
- फोटो : freepik.com
क्या है यह ट्रेंड
- फोटो : Adobe stock
क्या है यह ट्रेंड
हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘स्किन साइकिलिंग’ नामक ब्यूटी ट्रेंड काफी वायरल हुआ। पहले तो महिलाओं ने इसे एक असामान्य ट्रेंड समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन जैसे ही अमेरिका की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. व्हिटनी बोवे ने इसे वैज्ञानिक आधार पर प्रभावी बताया, महिला से लेकर पुरुषों तक का रुझान इसकी ओर बढ़ने लगा।
डॉ. व्हिटनी ने कहा कि स्किन साइकिलिंग ट्रेंड के अनुसार, रेटिनॉल और एक्सफोलिएंट का अलग-अलग रातों में किया गया उपयोग त्वचा के लिए अधिक लाभकारी होता है। यह स्किन केयर रूटीन चार रातों पर आधारित है- पहली रात एक्सफोलिएशन, दूसरी रात रेटिनॉइड, तीसरी रात त्वचा को आराम देना और चौथी रात रिकवरी। यह रूटीन त्वचा को एक ही ब्यूटी प्रोडक्ट से होने वाले ओवरलोड से बचाकर खुद को रिपेयर करने का समय देता है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘स्किन साइकिलिंग’ नामक ब्यूटी ट्रेंड काफी वायरल हुआ। पहले तो महिलाओं ने इसे एक असामान्य ट्रेंड समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन जैसे ही अमेरिका की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. व्हिटनी बोवे ने इसे वैज्ञानिक आधार पर प्रभावी बताया, महिला से लेकर पुरुषों तक का रुझान इसकी ओर बढ़ने लगा।
डॉ. व्हिटनी ने कहा कि स्किन साइकिलिंग ट्रेंड के अनुसार, रेटिनॉल और एक्सफोलिएंट का अलग-अलग रातों में किया गया उपयोग त्वचा के लिए अधिक लाभकारी होता है। यह स्किन केयर रूटीन चार रातों पर आधारित है- पहली रात एक्सफोलिएशन, दूसरी रात रेटिनॉइड, तीसरी रात त्वचा को आराम देना और चौथी रात रिकवरी। यह रूटीन त्वचा को एक ही ब्यूटी प्रोडक्ट से होने वाले ओवरलोड से बचाकर खुद को रिपेयर करने का समय देता है।
एक्सफोलिएशन : डेड स्किन का सफाया
- फोटो : Adobe stock
एक्सफोलिएशन : डेड स्किन का सफाया
स्किन साइकिलिंग ट्रेंड का पहला स्टेप है- एक्सफोलिएशन, जिसका उद्देश्य मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाकर त्वचा को नया जीवन देना है। असल में, जब डेड स्किन हटती है तो स्किनकेयर प्रोडक्ट्स त्वचा में गहराई तक समा पाते हैं और बेहतर असर दिखाते हैं।
एक्सफोलिएशन के लिए दो तरह के विकल्प होते हैं- फिजिकल स्क्रब, जो रगड़कर पुरानी त्वचा हटाते हैं और दूसरा है, केमिकल एक्सफोलिएंट, जैसे- ग्लाइकोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड तथा सैलिसिलिक एसिड, जो त्वचा की ऊपरी परत को धीरे-धीरे हटाती हैं। इस प्रक्रिया से त्वचा के रोमछिद्र साफ होते हैं और उसकी सहनशीलता बढ़ती है, जिससे वह अगले स्टेप्स को अच्छी तरह स्वीकार कर पाती है।
स्किन साइकिलिंग ट्रेंड का पहला स्टेप है- एक्सफोलिएशन, जिसका उद्देश्य मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाकर त्वचा को नया जीवन देना है। असल में, जब डेड स्किन हटती है तो स्किनकेयर प्रोडक्ट्स त्वचा में गहराई तक समा पाते हैं और बेहतर असर दिखाते हैं।
एक्सफोलिएशन के लिए दो तरह के विकल्प होते हैं- फिजिकल स्क्रब, जो रगड़कर पुरानी त्वचा हटाते हैं और दूसरा है, केमिकल एक्सफोलिएंट, जैसे- ग्लाइकोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड तथा सैलिसिलिक एसिड, जो त्वचा की ऊपरी परत को धीरे-धीरे हटाती हैं। इस प्रक्रिया से त्वचा के रोमछिद्र साफ होते हैं और उसकी सहनशीलता बढ़ती है, जिससे वह अगले स्टेप्स को अच्छी तरह स्वीकार कर पाती है।
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रेटिनॉल : मुंहासे-धब्बों से छुटकारा
- फोटो : Adobe stock
रेटिनॉल : मुंहासे-धब्बों से छुटकारा
दूसरा स्टेप है- रेटिनॉल का इस्तेमाल। रेटिनॉल त्वचा की समस्याओं, जैसे- मुंहासे, काले धब्बे और महीन रेखाएं कम करने में मदद करता है। इस रात के लिए त्वचा को अच्छी तरह साफ करके और सुखा लेने के बाद रेटिनॉल, विटामिन सी या नियासिनामाइड जैसे एक्टिव इंग्रेडिएंट्स लगाए जाते हैं, जो त्वचा की नवीनीकरण प्रक्रिया को तेज करते हैं।
इस स्टेप में ऐसे प्रोडक्ट्स का चयन किया जाता है, जो त्वचा पर नरम और कोमल रहें, ताकि त्वचा में जलन न हो। रेटिनॉइड्स त्वचा में कोलेजन और इलास्टिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे त्वचा अधिक टाइट और युवा दिखती है। इस प्रक्रिया के बाद त्वचा सूर्य की किरणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है, इसलिए दिन के समय सनस्क्रीन का उपयोग आवश्यक होता है।
दूसरा स्टेप है- रेटिनॉल का इस्तेमाल। रेटिनॉल त्वचा की समस्याओं, जैसे- मुंहासे, काले धब्बे और महीन रेखाएं कम करने में मदद करता है। इस रात के लिए त्वचा को अच्छी तरह साफ करके और सुखा लेने के बाद रेटिनॉल, विटामिन सी या नियासिनामाइड जैसे एक्टिव इंग्रेडिएंट्स लगाए जाते हैं, जो त्वचा की नवीनीकरण प्रक्रिया को तेज करते हैं।
इस स्टेप में ऐसे प्रोडक्ट्स का चयन किया जाता है, जो त्वचा पर नरम और कोमल रहें, ताकि त्वचा में जलन न हो। रेटिनॉइड्स त्वचा में कोलेजन और इलास्टिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे त्वचा अधिक टाइट और युवा दिखती है। इस प्रक्रिया के बाद त्वचा सूर्य की किरणों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती है, इसलिए दिन के समय सनस्क्रीन का उपयोग आवश्यक होता है।
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आराम : माइक्रोबायोम को पोषण
- फोटो : Adobe stock
आराम : माइक्रोबायोम को पोषण
तीसरी रात त्चचा को हाइड्रेट करने और उसे स्वस्थ करने की रात है। इस रात का उद्देश्य त्वचा को आराम देना और उसे सूखने से बचाना है, ताकि वह प्राकृतिक रूप से स्वस्थ हो सके। इस चरण में हाइलूरोनिक एसिड, सेरामाइड्स और एलोवेरा जैसे हाइड्रेटिंग और सूदिंग इंग्रेडिएंट्स का उपयोग किया जाता है, जो त्वचा की नमी को बनाए रखते हैं और उसे मुलायम बनाते हैं।
यह रात त्वचा के माइक्रोबायोम को पोषण देने की होती है, जिससे त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। इस समय किसी भी तरह के हार्श एक्टिव्स से बचा जाता है और त्वचा को पूरी तरह मॉइश्चराइजर से कोमलता और सुरक्षा दी जाती है।
तीसरी रात त्चचा को हाइड्रेट करने और उसे स्वस्थ करने की रात है। इस रात का उद्देश्य त्वचा को आराम देना और उसे सूखने से बचाना है, ताकि वह प्राकृतिक रूप से स्वस्थ हो सके। इस चरण में हाइलूरोनिक एसिड, सेरामाइड्स और एलोवेरा जैसे हाइड्रेटिंग और सूदिंग इंग्रेडिएंट्स का उपयोग किया जाता है, जो त्वचा की नमी को बनाए रखते हैं और उसे मुलायम बनाते हैं।
यह रात त्वचा के माइक्रोबायोम को पोषण देने की होती है, जिससे त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। इस समय किसी भी तरह के हार्श एक्टिव्स से बचा जाता है और त्वचा को पूरी तरह मॉइश्चराइजर से कोमलता और सुरक्षा दी जाती है।