चेहरे पर मुंहासे हो जाए तो किसी को नहीं पसंद आते। महीनों परेशान रहते हैं और ना जाने कौन-कौन से लेप और उबटन लगा डालते हैं चेहरे पर। लेकिन क्या ये मुंहासे आपकी दिनचर्या, खानपान या फिर अनुवांशिक होते हैं। इस तरह की कई सारे मिथक मुंहासों को लेकर आम हैं। चलिए हम उन सारे मिथकों को जानते हैं और दूर करते हैं।
मुंहासो को खुला छोड़ा तो चेहरे को कर देगें को खराब
मिथक- मुंहासे सिर्फ किशोरों को होते हैं।
ऐसा बिल्कुल नहीं है, कई बार मुंहासे किशोरावस्था में होते हैं और 25 साल की उम्र के बाद तक होते हैं।
मुंहासो को खुला छोड़ा तो चेहरे को कर देगें को खराब
मिथक-खानपान और अनुवांशिकता का मुंहासों से कोई लेना-देना नहीं है।
ऐसा बिल्कुल नहीं है आपके जींस का मुंहासो से सीधा संबंध है। साथ ही खानपान और रहन-सहन में तनाव की सीधा असर पड़ता है चेहरे पर जिससे मुंहासे होते हैं। कुछ लोगों को दूध की बनी चीजों का सेवन करने की वजह से भी मुंहासे हो जाते हैं। लेकिन अगर रोजाना कसरत की जाए तो इनसे बचा जा सकता है।
मुंहासो को खुला छोड़ा तो चेहरे को कर देगें को खराब
मिथक-मुंहासे गंदे चेहरे की वजह से होते हैं।
ऐसा नहीं है, हार्मोन्स में परिवर्तन और तनाव की वजह से मुंहासे होते हैं। और बहुत ज्यादा चेहरा साफ करने से भी इसका समाधान नहीं होना है। चेहरे के पोरों में अतिरिक्त तेल और बैक्टीरिया की वजह से मुंहासे होते हैं। लेकिन रोजाना चेहरे की सफाई भी जरुरी है।
मुंहासो को खुला छोड़ा तो चेहरे को कर देगें को खराब
मिथक- पिज्जा, चॉकलेट और जंक फूड कारण है मुंहासों का।
ऐसा नहीं है कि सिर्फ जंक फूड खाने से मुंहासे होते हैं। बहुत ज्यादा नमक और चीनी खाने से चेहरे में तेल तेजी से बनता है जोकि चेहरे को नुकसान करता है लेकिन इस वजह से पिंपल हो जाए ऐसा नहीं है। ये तो बैक्टीरिया से होता है।