आजकल मेकअप करना ज्यादातर लड़कियों को पसंद होता है। काजल से लेकर मस्कारा, आईशैडो, ब्लशर और लिपस्टिक तक हर किसी के मेकअप किट में शामिल होते हैं। अगर आपको लगता है कि केवल आधुनिक जमाने में ही इस तरह से मेकअप का चलन है तो आप पूरी तरह से गलत हैं। मेकअप करने का ये चलन कई सौ साल पुराना है। आज मेकअप का बाजार कई अरब डॉलर का हो चुका है। जिसमे केमिकल से लेकर हर्बल तकनीक से बने उत्पाद शामिल हैं। लेकिन जानकर आश्चर्य होगा कि प्राचीन मिस्त्र में पुरुष और महिलाओं को आईलाइनर, आईशैडो, लिपस्टिक और रूज लगाए हुए देखा गया है। वैसे तो प्राचीन मिस्त्र के कई सारे रहस्य है। लेकिन उनका सौंदर्य से जुड़ा प्यार अब रहस्य नहीं रह गया है। प्राचीन मिस्त्र के लोग मेकअप का इस्तेमाल सिर्फ सुंदरता को बढ़ाने के लिए नहीं करते बल्कि उनमें ये रिवाज के तौर पर देखा जाता है। इसके अलावा ये लोग अपनी सुंदरता दिनचर्या को बेहद गंभीरता से लेते हैं। सबसे परिष्कृत सौंदर्य अनुष्ठान मिस्त्र की अमीर महिलाओं के शौचालय से ही सामने आए हैं।
सौंदर्य उत्पाद से जुड़ी इन अनूठी बातों को जानती हैं आप, इस देश से पूरी दुनिया में छाया मेकअप का दीवानापन
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Mon, 07 Jun 2021 10:05 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन