एमएक्स प्लेयर पर हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज 'गर्लफ्रेंड चोर' के मुख्य अभिनेता मयूर मोरे के ऑडीशन का किस्सा बहुत मजेदार रहा। टीवीएफ की सीरीज कोटा फैक्ट्री से मशहूर हुए मयूर ने अमर उजाला से खास बातचीत करते हुए बताया कि जिस वक्त 'गर्लफ्रेंड चोर' के लिए उनके पास फोन आया, उस वक्त वह अपने ननिहाल नासिक में थे। उन्होंने कहा, 'मैं उस समय नासिक में अपनी नानी के पास था। तब मेरे पास 'गर्लफ्रेंड चोर' के सेल्फ ऑडीशन के लिए फोन आया। सेल्फ ऑडीशन देना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। जब हम कहीं पूरी प्रक्रिया के साथ ऑडीशन देते हैं तो वहां थोड़ी सहजता महसूस होती है लेकिन जब सेल्फ ऑडीशन देना होता है तो वहां कोई भी साथ देने वाला नहीं होता। जिसकी वजह से हमें पता नहीं चल पाता कि हमने जो भी किया है, वो सही किया या गलत।'
कोटा फैक्ट्री के मयूर मोरे ने की सौ टके की बात, 'कोरोना के जरिए कुदरत कर रही अपनी सुरक्षा'
मयूर का ये ऑडीशन पूरा करने में उनकी बहन ने बहुत मदद की। मयूर ने बताया, ‘उस समय मेरी बहन मेरे साथ थी। उसने ऑडीशन के क्लू देने में मेरी बहुत मदद की। उस समय मेरे ननिहाल के सभी लोग भी उसी जगह पर दर्शक के रूप में मौजूद थे। यह मेरे लिए बहुत मजेदार था। और मुझे थोड़ी शर्म भी लग रही थी। हालांकि मेरा यह ऑडीशन सीरीज के निर्देशक गिरीश जोतवानी को भी बहुत अच्छा लगा। उन्हें लगा कि यही वह लड़का है जो गर्लफ्रेंड चुरा सकता है।’
'गर्लफ्रेंड चोर' के विचार के बारे में मयूर ने कहा कि यह काफी अनोखा था। वह कहते हैं, ‘जब उन्होंने इस सीरीज की कहानी मुझे सुनाई तो मुझे बहुत पसंद आई। हालांकि गिरीश की लेखन और निर्देशन के मामले में यह पहली ही वेब सीरीज है। यह किसी एक आदमी का शो नहीं है। इसमें लगभग हर व्यक्ति ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। इसकी शूटिंग दो साल पहले हुई थी। दरअसल, हमने इस शो की शूटिंग किस्तों में की है। पहले शूट किया फिर बंद कर दिया। फिर बाद में फिर से शुरू किया। हमें लगा कि इसमें अभी भी कुछ कमियां हैं इसलिए हमने इसे दोबारा शूट किया।’
सीरीज के नाम के बारे में मयूर ने बताया, ‘गर्लफ्रेंड चोर' बहुत ही अनोखा नाम था। इस नाम ने मुझे बहुत ज्यादा आकर्षित किया। हर कलाकार की तमन्ना होती है कि उसे उसके काम से जाना जाए। यह नाम ऐसा था जिससे एक पहचान बन सकती थी। यह सीरीज प्यार मोहब्बत के बारे में ही है जो हिंदुस्तानियों को बहुत पसंद आता है। हालांकि यह चीज कोई नई नहीं है लेकिन हर इंसान अपने आप को इससे जोड़कर देखता है। जब लोग इस वेब सीरीज को देखेंगे तो उन्हें लगेगा कि इस सीरीज में जो आकाश है, वह तो मैं ही हूं। मेरे साथ भी ऐसा हो चुका है। इससे किसी को कोई सीख तो नहीं मिलेगी लेकिन लोग उसके मजे लेंगे।’
सीरीज में साथ काम करने वाले सह कलाकारों के बारे में मयूर ने कहा, ‘इससे पहले इस सीरीज में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को मैं नहीं जानता था। इसके निर्देशक गिरीश जोतवानी मेरे एक दोस्त के जरिए मुझसे मिले। शिशिर सर को भी मैं पहले से नहीं जानता था। मेरा और उनका थिएटर से पुराना नाता है इसलिए मैंने उन्हें काम करते हुए देखा है। अब इस सीरीज में उनके साथ काम करके बहुत अच्छा लगा।
कोरोना वायरस की वजह से मयूर का हाल भी लगभग वैसा ही है जैसा कि बाकी सभी भारतीयों का है। उन्होंने बताया, ‘कोरोना की वजह से लॉकडाउन का वक्त चल रहा है तो बाहर आना जाना तो होता नहीं है। सुबह उठता हूं और योगा प्राणायाम करता हूं। उसके बाद फिर मैं अपने काम पर लग जाता हूं, जैसे; नहाना-धोना, कपड़े धोना, बर्तन मांजना, झाड़ू लगाना, अपने लिए खाना बनाना, आदि।’
मौजूदा स्थिति के लिए लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए मयूर कहते हैं, ‘हमने एक लंबे समय से प्रकृति को बहुत हानि पहुंचाई है। अब प्रकृति ने अपने आप की सुरक्षा करने के लिए खुद यह तरीका खोज निकाला है। मैं जिस घर में रहता हूं वह समंदर के किनारे है। कुछ समय पहले मैं डूबते सूरज को प्रदूषण की वजह से पूरी तरह देख भी नहीं सकता था लेकिन अब वही सूरज मुझे अंत तक डूबता हुआ दिखाई देता है। हालांकि यह समय बहुत बुरा है। लोगों को इससे सीख लेनी चाहिए।’
सलमान से पंगा लेकर अरिजीत सिंह ने चुकाई बड़ी कीमत, आज तक नहीं पिघला भाईजान का दिल