डीडी भारती पर प्रसारित हो रहे विष्णु पुराण (Vishnu Puran) में अब तक आपने देखा भगवान विष्णु ने छल से देवताओं को अमृत पान करवाया। इस बीच स्वरभानु नामक एक असुर ने धोखे से अमृत की कुछ बूंदें पी लीं। सूर्य और चंद्र ने उसे पहचान लिया और भगवान विष्णु को बता दिया। इससे पहले की अमृत उसके गले से नीचे उतरता, विष्णु जी ने उसका गला सुदर्शन चक्र से काट दिया। परंतु तब तक उसका सिर अमर हो चुका था। इसी कारण सिर राहु और धड़ केतु ग्रह बना और सूर्य- चंद्रमा से अभी भी द्वेष रखता है।
Vishnu Puran: श्राप के कारण हिरण्यकशिपु व हिरण्याक्ष रूप में जन्में भगवान विष्णु के द्वारपाल, लक्ष्मी नारायण के हाथों हुआ वध
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अपूर्वा राय
Updated Sun, 31 May 2020 08:34 PM IST
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