भले ही टीवी के स्टार्स अपने काम में बहुत बिजी हों, लेकिन त्योहार मनाने में वह भी पीछे नहीं रहते। लोहड़ी और मकर संक्राति के मौके पर छोटे पर्दे के एक्टर्स ने बताया कि वह बचपन में यह त्योहार कैसे मनाते थे। आगे की स्लाइड्स में जानिए ऐसे ही कुछ एक्टर्स से उनकी बचपन की यादें।
सोनी सब टीवी पर आने वाले सीरियल ‘आदत से मजबूर’ की सैम यानी वंशिका शर्मा ने बताया कि 'पंजाब से आने के कारण लोहड़ी से जुड़ी बचपन की कई यादें हैं। हर साल मुझे इस त्योहार का इंतजार रहता है। बोनफायर के आस-पास मस्ती करने का हमारा अपना तरीका होता था। ठंड की ठिठुरती कोहरे वाली रात में हम घूमने-फिरने निकल जाते थे। हमारे परिवार के लोग और दोस्त बोनफायर के आस-पास इकट्ठा हो जाया करते थे और गाने गाते थे। इतना ही नहीं, मूंगफली और रेवड़ी का मजा लेते हुए डांस भी करते थे। लोहड़ी की आग के आस-पास रस्में निभाने का अपना एक अलग ही आकर्षण था। उसकी यादें आज भी हमारे दिलों में बसी हुई हैं।'
‘तेनाली रामा’ शो में 'शारदा' का किरदार निभाने वाली प्रियम्वदा कांत ने लोहड़ी के बारे में बताया कि, 'मेरी बचपन की कई सारी यादें इससे जुड़ी हुई हैं। मैं दिल्ली से हूं, मुझे दिल्ली की सर्दी का इंतजार रहता था क्योंकि सर्दियों के अंत में लोहड़ी का त्योहार आता था। मेरे दोस्त और मैं साथ मिलकर बोनफायर के आस-पास डांस करते थे और उसमें बड़ा मजा आता था। मैंने उस परंपरा को यहां मुंबई में भी जारी रखा है। हम लोग हर साल एक दोस्त के गार्डन में यह त्योहार मनाते हैं।'
सोनी सब के सीरियल ‘जीजाजी छत पर हैं’ में 'मुरारी' का किरदार निभाने वाले अनूप उपाध्याय ने बताया कि 'लोहड़ी से जुड़ी काफी अच्छी यादें हैं। पंजाब के मेरे कई सारे दोस्त हैं। मुझे पंजाब में उनके साथ इस त्योहार को मनाने का मौका भी मिला है, जो आज भी यादगार पलों में से एक है। यह त्योहार खासतौर से किसानों के बेहद करीब है, क्योंकि यह फसलों की कटाई के जश्न का त्योहार है। इसकी सबसे मीठी रस्मों में से एक है, अग्नि में चढ़ाया जाने वाला प्रसाद स्वादिष्ट रेवड़ी (तिलगुड़)। मैं सभी लोगों को लोहरी की शुभकामनायें देती हूं। इसका भरपूर आनंद उठाएं।'
‘ट्रबल हो गई डबल’ के 'आदित्य' उर्फ विपुल रॉय ने बताया कि 'मेरी मां पंजाब की रहने वाली हैं, जहां लोहड़ी बहुत बड़े पैमाने पर मनायी जाती है। वे त्योहार के दौरान प्रसाद के रूप में रेवड़ी (तिलगुड़) बांटते हैं। मुझे आज भी याद है जब मैं छोटा था तो अग्नि में भगवान को चढ़ाई जाने वाली रेवड़ी खाने की उत्सुकता रहती थी। वह पल मेरे दिमाग में पूरी तरह रचा-बसा है और पूरी जिंदगी बना रहेगा।'