जिस बिग बॉस में जाकर लोग गेम खेलते हैं, उसी बिग बॉस ने इतना बड़ा गेम कर दिया। सपना चौधरी का शो से बाहर जाना सिर्फ उनके फैन्स के लिए ही नहीं बल्कि कंटेस्टेंट्स के लिए भी किसी शॉक से कम नहीं है। बहरहार, राहत की बात ये है कि शो की बदौलत सपना चौधरी को अब रेमो डिसूजा जैसे नामी फिल्ममेकर के साथ काम करने का मौका मिलेगा।
Bigg Boss 11: कहीं सपना चौधरी को निकालना मेकर्स की चाल तो नहीं!
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बिग बॉस 11 की टीआरपी गिरती जा रही है। यह बमुश्किल टॉप-10 की लिस्ट में शामिल हो पाता है। ऐसे में मेकर्स चाहें जितने भी ट्विस्ट्स लाएं, सारा मामला कंटेस्टेंट्स के गेम खेलने पर निर्भर करता है। तभी तो लग्जरी बजट टास्क हारने के बावजूद विकास की बिग बॉस ने तारीफ की थी क्योंक जिस तरह उन्होंने गेम खेला, पूरा एपिसोड मनोरंजक मन गया। इसके जरिये मेकर्स का इशारा साफ था, 'दिल से नहीं दिमाग से खेलो'
2. शो की USP की रख ली लाज
बिग बॉस के कंटेस्टेंट्स के बीच अगर प्यार मोहब्बत होने लगे, सब एक दूसरे के लिए त्याग की मूर्ति बन जाएं तो फिर शो चलेगा कैसे? यही वजह है कि सपना को निकालना जरूरी था ताकि कंटेस्टेंट्स समझ पाएं कि दोस्ती यारी के चक्कर में वह अपने पांव पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। सपना के आउट होने के बाद सबकी अक्ल ठिकाने पर आ गई है। तभी को पुनीश-आकाश, अर्शी-शिल्पा तक की दोस्ती अचानक टूट गई है और पूरे हफ्ते ये सारे आपस में भिड़ते ही नजर आएंगे।
3. प्रीडिक्टेबल हो गया था शो
अब तक के जितने एलिमिनेशन हुए उसमें लगभग पहले से ही दर्शक अनुमान लगा लेते थे कि किसका पत्ता कट सकता है। इस हफ्ते भी माना जा रहा था कि पॉपुलैरिटी के मामले में प्रियांक हिना और सपना से काफी पीछे हैं, इसलिए इस हफ्ते वहीं आउट होंगे। ऐसे में मेकर्स ने फैसला किया कि जब तक दर्शकों को शॉक नहीं मिलेगा, जब तक शो प्रीडिक्टेबल रहेगा, शो का भला नहीं होगा। इसलिए इस हफ्ते एलिमिनेशन का तरीका भी अनोखा था।