दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में गिरफ्तार टेलीविजन अभिनेता करण ओबेरॉय ने मुंबई सेशन कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज करने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया है। बता दें कि निचली अदालत ने ओबेरॉय की याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले की जांच अभी अधूरी है। इसलिए आरोपी को जमानत पर रिहा करना गलत होगा।
दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद करण ओबेरॉय को नहीं मिली जमानत, अब जाएंगे हाईकोर्ट
सोमवार को हाईकोर्ट में वकील द्वारा दायर याचिका में अभिनेता ने दावा किया है कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा है कि उनके और महिला के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। 40 वर्षीय अभिनेता ने टेलीविजन के कई धारावाहिकों और विज्ञापनों में काम किया है। इससे पहले करण ओबेरॉय पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला ने मुंबई पुलिस से शिकायत करके बताया था कि उनपर दो अज्ञात बाइक सवार लोगों ने चाकू से हमला किया । पीड़िता ने बताया था कि उन्हें धमकी मिली है कि वो अपना केस जल्द वापस ले लें।
एएनआई को दिए अपने बयान में ओशिवारा पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर एसडी पसल्वर ने कहा था, पीड़िता पर दो बाइक सवार लोगों ने चाकू से हमला किया और उनपर एक लैटर फेंका जिसमें लिखा था कि वो अपना केस वापस ले लें। इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया और जांच जारी रखी गई ।
SD Pasalwar, Senior Inspector Oshiwara Police Station on TV actor Karan Oberoi alleged rape case: Victim was attacked by two bike borne men with a knife, they threw a letter at her threatening to take back the complaint. Case registered, investigation underway. pic.twitter.com/OkV8A33f6J
— ANI (@ANI) May 25, 2019
गौरतलब है कि 5 मई को करण ओबेरॉय को मुंबई पुलिस ने महिला के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भी भेजा था। इस मामले के सामने आते ही करण के दोस्तों और परिवारवालों का कहना था कि लड़की झूठ बोल रही है।
महिला की शिकायत में अभिनेता पर रेप, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप है। ओशिवारा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। महिला के अनुसार दोनों की मुलाकात 2016 में एक डेटिंग एप के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों दोस्त बने।