रश्मि देसाई (Rashami Desai) और देवोलीना (Devoleena Bhattacharjee) के घर से बाहर हो जाने पर उनके प्रशंसक बहुत दुखी थे तो वहीं सिद्धार्थ के घर से बाहर होने की खबर ने प्रशंसकों को हिलाकर रख दिया था। बिग बॉस का फैसले पर तो सलमान भी सवाल नहीं उठाते, लेकिन इस बार सीजन की शुरुआत से अब तक कई ऐसे मौके सामने आ चुके हैं, जब बिग बॉस को अपने ही फैसले को पलटना पड़ा और खुद के नियम तोड़ने पड़े।
न सिद्धार्थ बेघर हुए न देवो-रश्मि बाहर, वो पांच मौके जब अपनी जुबान से मुकरे 'बिग बॉस'
बिग बॉस ने ताजा फैसला सिद्धार्थ शुक्ला को लेकर पलटा। जब प्रोमो दिखाया गया था तो 'बिग बॉस' ने खुद ही सिद्धार्थ शुक्ला को घर से तुरंत निकलने की बात कह रहे थे। वहीं अब दो हफ्ते के लिए नॉमिनेट करने की खबर आ रही है। इससे पहले रश्मि देसाई और देवोलीना को बाहर करने का फैसला भी बेमानी साबित हुआ। एंट्री करते ही देवोलीना ने बताया कि वे दोनों कभी बिग बॉस के बाहर नहीं गईं। उन्हें चार दिन अलग-अलग ही कमरे में रखा गया था।
इससे पहले सबसे पहला नियम जो इस बार बिग बॉस 13 के सीजन का सबसे बड़ा बदलाव समझा जा रहा था। वो नियम था बेड शेयरिंग का, बिग बॉस ने पहले ही दिन घर में घुसने से पहले ही कंटेस्टेंट को बैंड दिए थे जिस पर लिखा था 'BFF' यानी 'बेड फ्रेंड फॉरऐवर'। इस नियम के मुताबिक जिस किसी के बैंड का रंग एक जैसा होगा उन्हें एक दूसरे के साथ एक ही बेड शेयर करना होगा लेकिन विरोध के चलते इस नियम को एक ही झटके में बदल दिया गया।
दूसरा बड़ा बदलाव देखने को मिला नॉमिनेशन में। शो के तीसरे हफ्ते में सलमान खान ने बताया था कि इस बार नॉमिनेट हुए सदस्यों में से एक लड़का और एक लड़की घर से बेघर हो जाएंगे। जैसे ही वीकेंड के वार पर यह मौका आया तब सलमान ने दोनों लड़कियां यानी माहिरा-रश्मि को सेफ घोषित कर दिया और तलवार लटकी पारस, सिद्धार्थ डे और अबु मलिक पर। उस वक्त भी सलमान ने कहा कि इस बार दो लड़के घर से जाएंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पारस, सिद्धार्थ डे और अबु मलिक में से दो का जाना तय था, लेकिन बिग बॉस ने फिर अपने फैसले को बदल दिया और केवल अबु मलिक को घर से बेघर कर अपनी ही बात को काट दिया।
एक और फैसला जो बिग बॉस में बदला गया था वो था घर की मालकिन का घर में हुकुम चलाना। इस साल बिग बॉस ने बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल को घर की मालकिन के रूप में सभी कंटेस्टेंट से मिलाया था जो कभी भी घर में आ सकती थी और कुछ भी फैसला ले सकती थीं। एक या दो बार आने के बाद वो भी शो में कहीं दिखाई नहीं दीं न ही उनका कोई जिक्र हुआ। इस बार घर में अंग्रेजी बोलने और दिन में सोने को लेकर भी कोई सख्ती नजर नहीं आती है न ही बिग बॉस की तरफ से अंग्रेजी बोलने पर टोका जाता है और न ही सोने पर कुकड़ू -कु की आवाज आती है।
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