आपको लाइफ ओके चैनल याद है? स्टार नेटवर्क के इस चैनल का नाम बाद में बदलकर स्टार भारत हो गया था और इसकी ब्रांडिंग के लिए चैनल ने एक अनोखा म्यूजिक रियलिटी शो शुरू किया था, ‘ओम शांति ओम’। भजनों के इस म्यूजिक रियलिटी शो के महा जज बने थे देसी एफएमसीजी ब्रांड पतंजलि चलाने वाले बाबा रामदेव। बाबा रामदेव फिर एक म्यूजिक रियलिटी शो पर दिखाई देने वाले हैं। नवरात्रि में प्रसारण के लिए पहले ही तैयार हो चुके इस शो में बाबा रामदेव नवरात्रि के साथ जुड़ा अपना वह किस्सा भी सुनाने वाले हैं, जिसने उनका जीवन बदल दिया।
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इंडियन आइडल में बाबा रामदेव
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
टेलीविजन ने ही बाबा रामदेव को देश का एक बड़ा ब्रांड बनाया है। पहले दूसरों के चैनलों पर और फिर अपने ही चैनलों पर प्रसारित होने वाले उनके योग कार्यक्रमों ने उन्हें उत्तर भारत का बड़ा नाम बनाया। बाबा रामदेव ने टेलीविजन को अपने उत्पादों के प्रचार प्रसार का भी सबसे बड़ा माध्यम बनाया और अब एक बार फिर वह टेलीविजन पर वापसी कर रहे हैं। जाहिर है कि वह किसी कार्यक्रम में होंगे तो फिर कार्यक्रम का रूप रंग भी केसरिया हो ही जाएगा।
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बाबा रामदेव और जय भानुशाली
- फोटो : सोशल मीडिया
वैसे तो मुंबई में सारे धारावाहिकों और फिल्मों की शूटिंग 30 अप्रैल तक बंद है, लेकिन जिन धारावाहिकों के पास पहले से शूट किए हुए एपीसोड्स बाकी हैं, वे उनका प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे ही एक म्यूजिक रियलिटी शो की शूटिंग में कुछ दिन पहले बाबा रामदेव भी पधारे। अपनी ब्रांडिंग को बेहतर करने और घर घर तक अपनी पहुंच बढ़ाने को बाबा रामदेव ने म्यूजिक रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में हिस्सा लिया।
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बाबा रामदेव, जय भानुशाली
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में बाबा रामदेव के आने की सूचना पहले से थी लिहाजा सारे प्रतिभागियों ने उनके हिसाब से ही अपनी प्रस्तुतियां तैयार कीं। शूटिंग पर मौजूद लोग बताते हैं कि ये पूरा शो एक तरह से ‘राममय’ हो गया और रामदेव की टिप्पणियों ने इन प्रस्तुतिओं का असर और भक्तिमय कर दिया। इस दौरान अधिकतर प्रतिभागियों ने राम नाम की महिमा का ही गान किया।
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बाबा रामदेव, जय भानुशाली
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
शो के दौरान ही एक वक्त ऐसा भी आया जब रामदेव अपने अतीत को लेकर भावुक हो उठे। चैत्र मास के शुक्लपक्ष में नवरात्रि के अंतिम दिन यानी रामनवमी को अयोध्या में श्रीराम का जन्म हुआ था। और रामदेव ने बताया कि उनका दूसरा जन्म भी 27 साल पहले इसी तिथि को हुआ। रामदेव कहते हैं, ‘यही वह तिथि थी, जब मैंने सारे सांसारिक मोहों को छोड़ संन्यास ले लिया।’