प्राइम वीडियो की लोकप्रिय सीरीज 'पंचायत' का चौथा सीजन जून में दस्तक देने वाला है। मेकर्स ने रिलीज डेट तो 02 जुलाई रखी थी। मगर, दर्शकों की मांग पर इसे पहले ही रिलीज किया जा रहा है। 'पंचायत 4' 24 जून को रिलीज होगी। पहला सीजन साल 2020 में आया था। इस सीरीज से जुड़े कई दिलचस्प किस्से हैं। जानते हैं
Panchayat 4: यूपी नहीं, मध्य प्रदेश के गांव में हुई 'पंचायत' की शूटिंग, जानिए सीरीज से जुड़े दिलचस्प किस्से
Interesting Facts Of Panchayat Season 4: सीरीज 'पंचायत' का चौथा सीजन जल्द दस्तक देने वाला है। आज बुधवार को इसका ट्रेलर रिलीज किया गया है। इसकी रिलीज से पहले जानते हैं 'पंचायत' से जुड़े दिलचस्प किस्से
मध्य प्रदेश में हुई शूटिंग
This is the village (23°12'11"N 76°59'52"E) where the #Amazon series #Panchayat was actually shot, Mahodiya Village, MP. 😂#PanchayatSeason2 pic.twitter.com/aMSugfq9wv
पंचायत सीरीज ग्रामीण परिवेश पर आधारित है। सीरीज में उत्तर प्रदेश के फुलेरा गांव की कहानी दिखाई गई है। मगर, वास्तव में यह सीरीज उत्तर प्रदेश के किसी गांव में शूट नहीं हुई, बल्कि मध्य प्रदेश में शूट हुई। 'पंचायत' की शूटिंग मध्य प्रदेश के सिहोर जिले के महोड़िया गांव में हुई और इसे फुलेरा बताया गया है। हकीकत में यह महोड़िया गांव है। यह सिहोर से करीब 9 किलोमीटर दूर है। गूगल मैप पर भी लोगों ने इसे खोज निकाला। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें खूब वायरल हो चुकी हैं।
ग्रामीणों ने भी अदा किए हैं किरदार
इस सीरीज की शूटिंग जिस गांव में हुई है, मेकर्स, कास्ट और क्रू की बॉन्डिंग वहां के ग्रामीणों से काफी अच्छी रही है। इस सीरिज में महोड़िया गांव के ग्रामीणों को भी छोटे-छोटे किरदार अदा करने को दिए गए। सीरीज की लोकप्रियता का असर यह है कि अब इस गांव को फुलेरा नाम से पुकारा जाने लगा है।
‘एसडीओ साहब’ था सीरीज का नाम
प्राइम वीडियो की इस लोकप्रिय सीरीज का शुरुआती नाम 'पंचायत' नहीं, बल्कि ‘एसडीओ साहब’ था। शो के निर्देशक दीपक मिश्रा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि वे मालगुडी डेज, तेनाली रामा और स्वामी जैसे हिट दूरदर्शन शो से प्रेरित थे। लेकिन समय के साथ, निर्माताओं ने पंचायत सेटिंग पर स्विच किया। शो का नाम 'पंचायत' रखना तय हुआ।
खाली है पानी की टंकी
पंचायत सीरीज की पानी की टंकी भी कम लोकप्रिय नहीं हुई। सचिव जी (जितेंद्र कुमार) और रिकीं (सानविका) की पहली मुलाकात भी यहां हुई। मगर, इस पानी की टंकी में पानी ही नहीं है। अमर उजाला के साथ बातचीत में महोड़िया गांव के ग्रामीणों ने कहा कि यहां पानी बहुत समस्या है। साथ ही कहा कि, 'हमें बहुत खुशी होगी अगर यहां पानी भरा जाएगा'।
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