मूवी रिव्यू: भारत
कलाकार: कटरीना कैफ, सलमान खान, सुनील ग्रोवर, जैकी श्रॉफ, सोनाली कुलकर्णी, दिशा पटानी आदि।
निर्देशक: अली अब्बास जफर
निर्माता: टी सीरीज, रील लाइफ प्रोडक्शंस, सलमान खान फिल्म्स
रेटिंग: 3 स्टार
भारत एक बहुत बड़ी संभावनाओं वाला देश है। यहां के लोग मेहनती हैं। परिवार पर जान छिड़कते हैं और सबसे बड़ी बात ये है कि अपनी खुशियां कुर्बान कर दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने की परंपरा का पालन करते हैं। सलमान खान की फिल्म भारत का यही लब्बोलुआब है। इंदौर में जन्मे सलमान खान के साथ सुल्तान और टाइगर जिंदा है जैसी फिल्में बना चुके देहरादून के अली अब्बास जफर ने कमर्शियल सिनेमा की नब्ज फिर एक बार कामयाबी के साथ पकड़ी है। फिल्म में एक्शन है, इमोशन है, ड्रामा है और हैं सलमान खान। सूरज बड़जात्या की फिल्मों के नक्शे कदम पर चलती फिल्म ईद के दिन सलमान खान के चाहने वालों के लिए मिली ईदी है।
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सलमान खान और कटरीना कैफ
- फोटो : सोशल मीडिया
पांच साल पहले रिलीज हुई दक्षिण कोरिया की चर्चित फिल्म ओड टू माई फादर की आधिकारिक रीमेक के तौर पर बनी भारत एक बच्चे की कहानी से शुरू होती है जो खुद से पहले परिवार को रखता है। बच्चा बड़ा होता जाता है। उसके आसपास का हिंदुस्तान बदलता जाता है। पर, वह भीतर से नहीं बदलता। भारत पाकिस्तान के बंटवारे के वक्त अपने पिता और अपनी बहन से बिछड़ा भारत अपने लापता पिता से किए वादे पूरे करने में पूरा जीवन निकाल देता। सन 47 से लेकर 2010 तक की भारत की ये कहानी एक इंसान की कहानी भी है और एक देश की भी। भारत का किरदार भारत देश जैसे किरदार पर भले सौ फीसदी फिट न बैठता है पर भारत की यात्रा की सबसे बड़ी खोज है आत्मविश्वास से भरी महिला कुमुद।
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- फोटो : अमर उजाला
निर्देशक के तौर पर अली अब्बास जफर ने अपनी पिछली फिल्मों की तरह ही एक मसाला फिल्म बनाने की कोशिश की है। एक आदर्श बेटा, एक आदर्श भाई, एक आदर्श दोस्त और एक आदर्श प्रेमी गढ़ने की अली की कोशिश काफी हद तक कामयाब है हालांकि इस कोशिश की कमजोर कड़ी ये है कि फिल्म कई बार कुछ ज्यादा ही उपदेशात्मक हो जाती है। अली ने फिल्म की कहानी गढ़ने में साथी किरदारों पर बहुत उम्दा काम किया है, खासतौर से कुमुद का किरदार कटरीना के करियर का अब तक का सबसे उम्दा किरदार बन गया है और सुनील ग्रोवर के किरदार पर भी अली ने कम मेहनत नहीं की। हालांकि, पटकथा थोड़ी और चुस्त हो सकती थी और फिल्म को बिखरने से बचाने पर अली को थोड़ी मेहनत और करनी चाहिए थी।
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सलमान खान और दिशा पाटनी
- फोटो : इंस्टाग्राम (dishapatani)
फिल्म की कहानी चिर परिचित अंदाज में एक आम इंसान को एक हीरो बनाने की कहानी कहती आगे बढ़ती है। लीड रोल में सलमान के लुक्स साल बदलने के साथ बदलते रहते हैं। बाकी किरदार का रंग रोगन भी उसी हिसाब से बदलता है। बतौर अभिनेता सलमान खान का की अब तक की दो सबसे बड़ी लकीरें उनकी फिल्में तेरे नाम और हम दिल दे चुके सनम रही हैं, उन दोनों किरदारों तक पहुंचने की कोशिश भारत भी भरसक करता है। पर, सुपरस्टार सलमान से एक्टिंग करा पाना किसी सर्कस में रिंगमास्टर को बिगड़ैल शेर से मिली चुनौती से कम नहीं है। फिल्म में तालियों की हकदार एक्टिंग कटरीना कैफ और सुनील ग्रोवर ने ही की है। कुमुद जब भारत की आंखों में आंखें डालकर खुद ही शादी का प्रस्ताव रखती है तो वह पलक तक नहीं झपकाती। सीधे बोलती है, शादी की उमर हो गई मेरी। हालांकि जिस दौर की कुमद है, उस दौर की किसी महिला के लिए ये फैसला किसी बगावत से कम नहीं माना जाता। कैटरीना ने उम्र बढ़ने के साथ खुद को बतौर अदाकारा तराशने में काफी मेहनत की है और इसका असर भी दिखता है। सोनाली कुलकर्णी और जैकी श्रॉफ फिल्म को मजबूत सहारा देते हैं और जब भी परदे पर आते हैं तो सुनील ग्रोवर भी तालियां बटोर ही ले जाते हैं। दिशा पाटनी फिल्म में पूरी तरह मिस कास्ट हैं।
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Bharat film song launch event
- फोटो : twitter
निर्देशन और अदाकारी में मजबूत फिल्म भारत के दो डिपार्टमेंट कमजोर हैं। एक तो मेकअप व कॉस्ट्यूम और दूसरा इसका संगीत। विशाल शेखर के साथ दिक्कत ये है कि वह किसी कहानी में संगीतकार के तौर योगदान कम ही करते हैं, वह बस निर्देशक की सोच जैसा संगीत बना देते हैं। अली अब्बास जफर ने एक पीरियड फिल्म में आज का संगीत डालने का फैसला हॉलीवुड फिल्मों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ही किया है, लेकिन हिंदुस्तानी दर्शकों की संवेदनशीलता पर भारत का संगीत खरा नहीं उतरता। स्पेशल इफेक्ट्स भी कहीं कहीं जल्दबाजी में किए गए लगते हैं। अमर उजाला के मूवी रिव्यू में फिल्म भारत को मिलते हैं तीन स्टार।