स्वानंद किरकिरे उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने सिनेमाई दुनिया के तमाम क्षेत्रों में अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही थिएटर के प्रति उनके जुनून और समर्पण ने उन्हें भीड़ से अलग हटकर दिखने में बहुत मदद की। स्वानंद के लेखन की जादूगरी का प्रमाण इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें 'थ्री इडियट्स' जैसी शानदार फिल्म में गीत लिखने के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का खिताब मिला। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर जानेंगे कुछ रोचक बातें।
2 of 6
स्वानंद किरकिरे
- फोटो : इंस्टाग्राम- @swanandkirkire
मराठी परिवार में हुआ जन्म
स्वानंद किरकिरे का जन्म 29 अप्रैल 1972 को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के रामबाग स्थित मराठी भाषी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम चिंतामणि और मां का नाम नीलांबरी है, वो दोनों शास्त्रीय गायक हैं। घर के माहौल ने उनके अंदर शुरू से ही कला के प्रति एक अलग ही जुनून पैदा किया। स्वानंद ने कॉमर्स में स्नातक की पढ़ाई की, उसके बाद कला के क्षेत्र में अपने सपने को सच करने वो दिल वालों की नगरी दिल्ली में आ गए। साल 1996 में उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया और वहां से एनएसडी में स्नातक की डिग्री ली। यहां से उन्हें थिएटर और अभिनय की गहरी समझ विकसित हुई और उनके अंदर कई क्षेत्रों में कमाल करने का बीज भी उत्पन्न हुआ। आपको बताते चलें कि यहां पढ़ाई के दौरान उन्हें बैचमेट के रूप में नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सुब्रत दत्ता जैसे कलाकारों से मिले और जान-पहचान हुई।
3 of 6
स्वानंद किरकिरे
- फोटो : इंस्टाग्राम- @swanandkirkire
सिनेमाई करियर की शुरुआत
स्वानंद किरकिरे ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़ाई करने के बाद करियर की शुरुआत करने में थोड़ा असमंजस में थे। दिल्ली में उनकी मुलाकात पीयूष मिश्रा से हुई, तो उनकी इच्छा निर्देशक बनने की हुई। इसके बाद उन्होंने बतौर सहायक निर्देशक के रूप में करियर शुरु किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात निर्देशक सुधीर मिश्रा से हुई और उनके साथ काम किया। साल 2003 में आई फिल्म ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’ में स्वानंद को सहायक निर्देशक के रूप में काम करने का अवसर मिला, लेकिन उस फिल्म में उनकी असली पहचान एक गीतकार के तौर पर हुई।
4 of 6
स्वानंद किरकिरे
- फोटो : इंस्टाग्राम- @swanandkirkire
जब इस गीत ने स्वानंद को बनाया गीतकार
गीतकार स्वानंद ने 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी' फिल्म में एक गीत लिखा ‘बावरा मन देखने चला एक सपना’ और इसे अपनी ही आवाज में गाया। इस गीत ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया और इसके बाद उन्होंने करियर में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिर उन्हें फिल्म ‘परिणीता’ में ‘पीयू पीयू’ गीत लिखने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने गीतकार के रूप में कई फिल्मों में अपना जादू बिखेरा जैसे- 'थ्री इडियट्स', 'लगे रहो मुन्नाभाई', 'सिंघम', 'सत्यमेव जयते' जैसी कई फिल्में शामिल हैं।
5 of 6
स्वानंद किरकिरे
- फोटो : अमर उजाला
अभिनय की दुनिया में स्वानंद किरकिरे
बतौर सहायक निर्देशक के बाद स्वानंद ने गीतकार के रूप में बहुत नाम कमाया। उन्होंने अभिनय की दुनिया में भी कमाल किया है। अगर उनकी एक्टिंग की बात करें तो साल 2003 में आई फिल्म 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी' भी में उन्होंने एक ग्रामवासी का किरदार निभाया था। इसके बाद अभिनेता ने कई फिल्मों और वेब सीरीज में अभिनय किया है। उन फिल्मों के नाम हैं 'चमेली', 'बद्रीनाथ की दुल्हनियां', 'रात अकेली है', आदि। साथ ही कुछ चर्चित वेब सीरीज भी हैं, जैसे 'पंचायत 3' में स्वानंद किरकिरे ने सासंद जी का किरदार निभाया था। यही नहीं उन्होंने संवाद लेखन में भी हाथ आजमाया है। उनकी कला का कोई जवाब नहीं, सभी क्षेत्रों में उन्होंने झंडा गाड़ने का काम किया है।