दुनिया भर के अलावा भारत में कोलकाता से लेकर दिल्ली तक जब पेगासस जासूसी सॉफ्टवेयर को लेकर चर्चाएं सुर्खियों में थीं, तो इसी बीच चुपके से दुनिया का नंबर वन जासूस करोड़ों लोगों के मोबाइल के जरिये चुपके से उनके घरों तक पहुंच चुका है। जी हां, दुनिया की नंबर वन जासूसी फ्रेंचाइजी मानी जाने वाली जेम्स बॉन्ड की फिल्में अब दर्शक घर बैठे अपने मोबाइल पर देख सकते हैं। ओटीटी प्राइम वीडियो ने 1962 में रिलीज हुई जेम्स बॉन्ड की पहली फिल्म ‘डॉ. नो’ से लेकर 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘स्पेक्टर’ तक की सारी फिल्में एक साथ अपने प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दी हैं। सर्दियों की छुट्टियों के लिए ओटीटी दर्शकों के लिए ये साल का सबसे बड़ा तोहफा माना जा रहा है।
James Bond On OTT: मोबाइल के जरिये आपके घर तक पहुंचा जेम्स बॉन्ड, यहां देखिए अब तक की 23 फिल्में
इसी साल मई के महीने में मनोरंजन दुनिया की दो बड़ी कंपनियों का सौदा पक्का हुआ जिसके चलते जेम्स बॉन्ड की फिल्मों के लिए पिछली चार पीढ़ियों के सिने दर्शकों के दिल के करीब रही कंपनी एमजीएम का मालिकाना अधिकार अमेजन के पास आ गया। 8.45 अरब डॉलर में हुआ ये सौदा अमल में आने के बाद अब जेम्स बॉन्ड की ये फिल्में अमेजन की वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस अमेजन पर आ चुकी हैं। एमजीएम स्टूडियोज की स्थापना मारकस लोए और लुईस बी मेयर ने 17 अप्रैल 1924 के दिन की थी।
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अमेजन ने अपने ओटीटी प्राइम वीडियो के ग्राहकों की संख्या किसी भी तरह नेटफ्लिक्स से आगे ले जाने की रणनीति पर बहुत आक्रामक तरीके से इस साल के शुरू में काम शुरू किया। हालांकि, भारत में उसका सफर काफी विवादों में घिरा रहा है। स्तरहीन फिल्मों को ऊंचे दामों पर खरीदने से लेकर कानूनी विवादों ने इस कंपनी के दामन पर खूब दाग लगाए। इसके चलते इसके कुछ बड़े अफसरों को इस साल इस्तीफा भी देना पड़ा। लेकिन, अब जेम्स बॉन्ड के प्राइम वीडियो पर आने के बाद ओटीटी के हालात कुछ सुधरते दिखते हैं।
अमेजन और एमजीएम के इस सौदे की भारत में सबसे पहली खबर ‘अमर उजाला’ ने ही 19 मई को अपने पाठकों को दी थी। एमजीएम की धरोहर चार हजार से ज्यादा फिल्मों की रही है। इन फिल्मों ने 180 ऑस्कर पुरस्कार जीते हैं। एमजीएम के पास बेहतरीन टीवी शोज की भी बहुत बड़ी लाइब्रेरी है। इन शोज ने 100 एमी पुरस्कार जीते हैं। कहा गया कि एमजीएम स्टूडियो की जो कीमत अमेजन ने लगाई है उसके इतने विशाल होने की सबसे बड़ी वजह इन फिल्मों व टीवी सीरीज के बौद्धिक संपदा अधिकार हैं।
एमजीएम कंपनी के पास तमाम एनीमेशन फिल्मों के अधिकार के अलावा सारी जेम्स बॉन्ड फिल्मों के प्रसारण, प्रदर्शन व वितरण अधिकार भी हैं। एमजीएम की लाइब्रेरी में तकरीबन चार हजार फिल्में हैं जिनमें ‘रोबो कॉप’, ‘द पिंक पैंथर’, ‘द साइलेंस ऑफ लैम्ब्स’ आदि प्रमुख हैं। ‘फारगो’, ‘द हैंड्समेड टेल’ और ‘वाइकिंग्स’ जैसी सुपरहिट टीवी सीरीज भी एमजीएम ने ही बनाई हैं। इस लाइब्रेरी की जेम्स बॉन्ड फ्रेंचाइजी की 23 फिल्में अब प्राइम वीडियो पर देखी जा सकती हैं।