अपनी पहली ही फिल्म में विद्या बालन, प्रतीक गांधी, इलियाना डिक्रूज और सेंथिल राममूर्ति जैसे नामचीन कलाकारों को जुटाने में सफल रहीं निर्देशक शीर्षा गुहा ठाकुरता इन दिनों इस बात से खुश हैं कि उनकी फिल्म ‘दो और दो प्यार’ को जिसने भी देखा, इसकी तारीफ ही की। प्रचार और प्रचार में पीछे रह गई यह फिल्म भले बहुत सीमित सिनेमाघरों में रिलीज हुई हो, लेकिन इसके कलेक्शन में शुक्रवार से लेकर इतवार तक इजाफा होता रहा। फिल्म में विद्या बालन और प्रतीक गांधी के अभिनय की जमकर तारीफ हो रही है और शीर्षा कहती हैं कि इन दोनों को एक जोड़ी के रूप में पेश कर पाना फिल्म की कास्टिंग की सबसे बड़ी जीत है।
Do Aur Do Pyaar Review: जब अफेयर के बाद बीवी से फिर हो जाए प्यार, अजब रिश्तों की गजब प्रेम कहानी
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दो और दो प्यार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
करीब तीन साल से बनकर तैयार इस फिल्म के पीछे की मेहनत का खुलासा करते हुए इसकी निर्देशक शीर्षा गुहा ठाकुरता कहती हैं, ‘ये फिल्म साल 2021 में ही बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन सिनेमाघरों में दर्शकों की लगातार कमी को देखते हुए फिल्म रिलीज नहीं हो सकी। इस फिल्म को एक खास तबके के दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और इसकी कहानी उसी हिसाब से बुनी गई है। फिल्म में जो भी कुछ दिखता है, उसमें हमने अपने घरवालों, रिश्तेदारों, दोस्तों, परिचितों सबके अनुभव समेटे हैं और शायद इसीलिए इसे देखते समय दर्शक इससे रिश्ता जोड़ पाते हैं।’
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शीर्षा गुहा ठाकुरता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
शीर्षा गुहा मशहूर बंगाली अभिनेत्री और गायक किशोर कुमार की पहली पत्नी रूमा गुहा ठाकुरता की भतीजी हैं। खुद शीर्षा ने हिंदी सिनेमा में निर्माता-निर्देशक राम गोपाल वर्मा की ‘सरकार राज’ और ‘फूंक’ जैसी फिल्मों में सहायक निर्देशक रहकर सिनेमा सीखा। बीते कई साल से सोशल मीडिया के लिए बन रही बड़ी बड़ी कंपनियों की लीक से इतर छोटी छोटी कहानियों वाली फिल्में निर्देशित कर रहीं शीर्षा की ‘दो और दो प्यार’ पहली फीचर फिल्म है। हिंदी में हाथ तंग होने की वजह से वह फीचर फिल्मों में ज्यादा सक्रिय नहीं हैं।
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शीर्षा गुहा ठाकुरता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
शीर्षा बताती हैं, ‘दसवीं तक कोलकाता में पढ़ने के बाद मैं नैनीताल गई थी आगे की पढ़ाई करने। वहां मेरी टूटी फूटी हिंदी को लेकर इतना ज्यादा मजाक बनाया गया कि आज भी मुझे हिंदी में बात करने में डर लगता है। चूंकि बंगाली भाषा में पुल्लिंग और स्त्रीलिंग के साथ एक जैसी ही क्रियाएं लगती हैं, लिहाजा जब भी मैं हिंदी में बात करने की कोशिश करती, हिंदीभाषी क्षेत्रों से आए लोग मेरा खूब मजाक बनाते थे।’ शीर्षा फिलहाल कोई दूसरी हिंदी फिल्म पर काम नहीं कर रही हैं और वह कहती हैं कि निर्देशन से उन्हें प्यार है लेकिन फीचर फिल्म निर्देशन वह तभी करना चाहेंगी जब उन्हें उनकी पसंद की कहानी मिल जाएगी।
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दो और दो प्यार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मु्ंबई
अमेरिकी फिल्म ‘लवर्स’ के आधिकारिक हिंदी रूपांतरण के तौर पर बनी फिल्म ‘दो और दो प्यार’ की मेकिंग में शीर्षा को अपनी तकनीकी टीम का बहुत ही अच्छा साथ मिला है। अपने बहुत ही संवेदनशील कथ्य कथन, मधुर मोहक पार्श्व संगीत और दिल को छू लेने वाले दृश्यों के लिए वह अपनी परवरिश और अपने वातावरण को श्रेय देती हैं और फिल्म में लकी अली के गाने का श्रेय वह म्यूजिक बैंड ‘लॉस्ट ट्रेन’ को देती हैं। वह कहती हैं, ‘लकी अली मेरे बहुत ही ज्यादा पसंदीदा गायक रहे हैं। उनके गाने मैंने शुरू से सुने हैं। वह बहुत ही आध्यात्मिक किस्म के इंसान हैं। उनको फिल्म का गाना रिकॉर्ड करते हुए देखना एक ऐसा अनुभव है, जो मेरे साथ पूरी उम्र रहेगा।’