जरीन खान एक ऐसी हीरोइन रही हैं जिन्होंने अपने दम पर
बॉलीवुड में अपनी पहचान कायम करने की कोशिश की लेकिन उन्हें हमेशा ही
कैटरीना कैफ की हमशक्ल के तौर पर देखा गया। बावजूद इसके वो हताश नहीं हुईं और आज उनकी अपनी एक पहचान है।
लेकिन उनकी जिंदगी और फिल्मों में आने तक का सफर आसान नहीं रहा।
बचपन में ही उनके पिता उन्हें और उनकी मां और बहन को अकेला छोड़कर चले गए। सिर्फ इसलिए क्योंकि वो दो-दो बेटियों जिम्मेदारी नहीं उठाना चाहते थे।
पिता के छोड़कर जाने से जरीन और उनकी मां अकेली हो गईं। उस वक्त वो 12वीं क्लास में थीं। जरीन एक डॉक्टर बनना चाहती थीं। चूंकि पिता के जाने से घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी थी, इसलिए जरीन को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर काम की तलाश में निकलना पड़ा।
काम की तलाश में जरीन खान को खूब भटकना पड़ा। उस वक्त उनका वजन 100 किलो से भी ज्यादा था जिसके चलते उन्हें काम मिलने में भी दिक्कत हो रही थी।
जैसे तैसे उन्हें एक कॉल सेंटर में नौकरी मिल गई। कॉल सेंटर में काम करने के साथ ही जरीन खान ने अपना वजन घटाने के लिए कोशिश शुरू कर दी।