स्वर कोकिला लता मंगेशकर अपना 91वां जन्मदिन मना रही हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मीं लता मंगेशकर के पिता का नाम दीनानाथ मंगेशकर था। लता को गायिकी अपने पिता से ही विरासत में मिली थी। एक समय लता की जिंदगी में ऐसा भी था जब उनकी पतली आवाज की वजह से उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आगे बढ़ती गईं। लता मंगेशकर ने सालों तक फिल्म इंडस्ट्री को अपनी आवाज के जादू से लबरेज किया है। ऐसे में उनके कई मशहूर किस्से भी हैं। इस रिपोर्ट में आपको बताते हैं 'आएगा आने वाला...' गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान का एक बेहद दिलचस्प किस्सा...
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लता मंगेशकर
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लता मंगेशकर के जीवन से जुड़े कई दिलचस्प किस्से 'लता- सुर गाथा' किताब में मिलते हैं। संगीत की दुनिया में लता के सफर को उनके ही शब्दों में पेश करने का काम किया है कवि और संगीत के स्कालर यतींद्र मिश्र ने। यतींद्र ने इस पुस्तक को तैयार करने के लिए लता मंगेशकर के साथ छह साल तक टुकड़ों-टुकड़ों में बातचीत की है। इस पुस्तक में शामिल दिलचस्प किस्सों में शामिल एक किस्सा 'महल' फिल्म के गाने 'आएगा आना वाला...आएगा' से जुड़ा है।
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फिल्म- महल
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1948-49 का जमाना था, तब रिकॉर्डिंग स्टूडियो नहीं होते थे, न ही अलग से कोई व्यवस्था। अक्सर गाने को कैद करने के लिए खाली स्टूडियो, पेड़ों के पीछे की जगह या फिर ट्रक के अंदर व्यवस्था की जाती थी। इस गाने से जुड़े अनुभव के बारे में लता बताती हैं, 'फिल्म लाहौर की शूटिंग चल रही थी, बॉम्बे टॉकीज में जद्दनबाई और नरगिस दोनों मौजूद थीं। मैंने वहीं अपना गाना रिकॉर्ड करना शुरू किया। जद्दनबाई ध्यान से सुनती रहीं। बाद में मुझे बुलाकर कहा- 'इधर आओ बेटा, क्या नाम है तुम्हारा। जी लता मंगेशकर।'
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लता मंगेशकर
- फोटो : @FilmHistoryPic
आगे उन्होंने कहा 'अच्छा तुम मराठन हो ना?' 'जी हां, 'इस पर जद्दनबाई खुश होते हुए बोलीं- 'माशाअल्लाह क्या बगैर कहा है। दीपक बगैर कैसे परवाने जल रहे हैं... में 'बगैर' सुनकर तबीयत खुश हो गई। ऐसा तलफ्फुज हर किसी का नहीं होता बेटा। तुम निश्चित ही एक रोज बड़ा नाम करोगी।' लता मंगेशकर इस शाबाशी से खुश हो गई थीं। मगर उनके भीतर आनंद के साथ थोड़ा डर भी प्रवेश कर गया था।
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लता मंगेशकर
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इस डर के बारे में उन्होंने बताया, 'बाप रे! इतने बड़े-बड़े लोग मेरे काम को सुनने आ रहे हैं और इतने ध्यान से एक-एक शब्द पर सोचते-विचारते हैं।' बता दें कि आएगा आने वाला...आएगा, लता मंगेशकर का शुरुआती सुपरहिट गाना बना, हालांकि इस गीत के रिकॉर्ड के बाजार में आने से पहले संगीतकार खेमचंद प्रकाश का निधन हो गया था, ये बात आज भी लता मंगेशकर को खलती है।
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