प्रख्यात रंगकर्मी विलायत जाफरी की याद में शनिवार की शाम यहां मुंबई में फिल्म और टीवी जगत की मशहूर कलाकार सुष्मिता मुखर्जी को रंगमंच में उनके योगदान के लिए विलायत जाफरी एक्सीलेंस अवॉर्ड 2022 से सम्मानित किया गया। पिछले वर्ष विलायत जाफरी की प्रथम पुण्यतिथि पर 5 अक्टूबर को इस अवॉर्ड का आयोजन लखनऊ में किया था और जयपुर के 90 वर्षीय मशहूर रंगकर्मी रणवीर सिंह को विलायत जाफरी एक्सीलेंस अवॉर्ड दिया गया था। मुंबई में हुए दूसरे विलायत जाफरी एक्सीलेंस अवॉर्ड के मौके पर हुए इस कार्यक्रम में अभिनेता राजेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम में जब इस बात का खुलासा हुआ कि दिलीप कुमार की फिल्म ‘गंगा जमना’ के अवधी संवाद विलायत जाफरी ने ही लिखे थे तो पूरा समारोह स्थल देर तक तालियों से गूंजता रहा।
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विलायत जाफरी एक्सीलेंस अवॉर्ड से
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
विलायत जाफरी की याद में उनके परिवार के सदस्यों 'जाफरी फाउंडेशन' के तहत रंगमंच से जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए 'विलायत जाफरी एक्सीलेंस अवार्ड' का आयोजन शुरू किया है। विलायत की पत्नी कृष्णा जाफरी कहती हैं, ‘इस फाउंडेशन के जरिए हम रंगमंच से जुड़े कलाकारों की मदद करेंगे और उन्हें प्रोत्साहित करेंगें।’ इस वर्ष के पुरस्कार के लिए विजेता का चयन पांच सदस्यों कमल अरोड़ा, शंकर सुहैल, अतुल तिवारी, कनक रेखा चौहान, और शारिब रूदौलवी की ज्यूरी ने किया। इन लोगों ने अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी के नाम पर सहमति जताई। अपने वीडियो संदेश में शंकर सुहैल ने कहा, ‘विलायत जाफरी ने अभिनेता दिलीप कुमार की फिल्म 'गंगा जमना' में अवधी भाषा में संवाद लिखे थे।’
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विलायत जाफरी एक्सीलेंस अवॉर्ड से
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
विलायत जाफरी एक्सीलेंस अवार्ड कार्यक्रम की शुरुआत एनजीओ के बच्चों द्वारा गोंधल नृत्य से हुई। इसके बाद रुचि शर्मा ने 'सुरमई अखियों' पर कथक डांस किया। रुचि शर्मा बिना रुके 15 घंटे के नृत्य प्रदर्शन के लिए गिनीज बुक रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा चुकी हैं। विलायत जाफरी के नाटक 'अनारकली- द लव स्टोरी' पर अराधिका ने प्रस्तुति दी और कार्यक्रम के अंतिम चरण में विलायत जाफरी लिखित गीत 'तुम, तुम ना आए' पर पुत्र अंबर ने पेशकश की। यह विलायत जाफरी की आखिरी रचना है।
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विलायत जाफरी एक्सीलेंस अवॉर्ड से
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
देश में लाइट एंड साउंड शो के जनक और दूरदर्शन के लिए ‘नीम का पेड़’, ‘शतरंज के मोहरे’ और ‘आधा गांव’ जैसे कार्यक्रम लिखने वाले प्रख्यात रंगकर्मी विलायत जाफरी लखनऊ दूरदर्शन के निदेशक रहे है। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1935 को रायबरेली में हुआ। और, दो साल पहले 5 अक्टूबर को वह दुनिया छोड़ गए। विलायत जाफरी को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से अकादमी रत्न सम्मान से नवाजा जा चुका है। इसके अलावा उन्हें उर्दू अकादमी दिल्ली अवॉर्ड, कबीर अवॉर्ड, उर्दू अकादमी उत्तर प्रदेश अवॉर्ड, उत्तर प्रदेश रत्न अवॉर्ड, यूरोप का टीवी अवॉर्ड समेत कई पुरस्कार मिल चुके हैं। कहानियों और नाटकों की उनकी नौ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।