7 जुलाई 2021 की सुबह सिनेमा प्रेमियों और देश के लिए एक दुखद खबर सामने लाई। सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर दिलीप कुमार ने अंतिम सांस ली। दिलीप कुमार 98 साल के थे और मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में इलाज चल रहा था। दिलीप साहब कई बार अस्पताल गए और हर बार मौत को मात देकर वापस लौटे लेकिन आज सुबह उन्होंने हमेशा हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया।
सात ऑस्कर जीतने वाली इस हॉलीवुड फिल्म का ठुकरा दिया था ऑफर
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार ने अपने करियर में कई बेहतरीन और सुपरहिट फिल्में दीं। 60 और 70 के दशक में लोगों के बीच उनके लिए दीवानगी देखने लायक होती थी। ये वो दौर था जब दिलीप कुमार के फैंस ना सिर्फ भारत में बल्कि विदेशो में भी होते थे, उनके काम की चर्चा हॉलीवुड तक होती थी। इतना ही नहीं एक बार उन्हें हॉलीवुड की एक बड़ी फिल्म में काम करने का मौका भी मिला था लेकिन दिलीप साहब ने इस ऑफर को ठुकरा दिया।
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दिलीप कुमार
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, उस दौर में हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर डेविड लीन ने दिलीप साहब को अपनी अगली फिल्म 'लॉरेन्स ऑफ अरेबिया' में प्रिंस शेरीफ अली के किरदार के लिए अप्रोच किया था। डेविड भारतीय सिनेमा के दीवाने थे और अपनी फिल्म में इस किरदार के लिए किसी भारतीय कलाकार को कास्ट करना चाहते थे।
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दिलीप कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
दिलीप कुमार भी डेवि़ड के काम से वाकिफ थे, उनकी पिछली फिल्म 'द ब्रिज ऑन द रिवर क्वाई' को सात ऑस्कर अवार्ड मिल चुके थे, लेकिन जब डेविन ने दिलीप साहब से फिल्म के प्रस्ताव के बारे में बताया तो दिलीप कुमार ने उनकी फिल्म में काम करने से तुरंत इंकार कर दिया।
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दिलीप कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
कहा जाता है कि दिलीप कुमार कभी भी हॉलीवुड फिल्मों के फैन नहीं थे और ना ही उन्हें हॉलीवुड फिल्मों में काम करने का शौक था। इस फिल्म से इंकार करने का एक और कारण ये था कि दिलीप कुमार को लगता था कि वो इस फिल्म में फिट नहीं हो पाएंगे और बाहरी दिखेंगे।
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दिलीप कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
दिलीप कुमार के इंकार के बाद ये किरदार ओमार शरीफ को मिला, फिल्म रिलीज हुई और इस फिल्म के जरिए ओमार ने हॉलीवुड में नाम कमाया। इतना ही नहीं इस फिल्म को साल 1962 में 10 ऑस्कर अवॉर्ड्स में नॉमिनेशन मिला, जिसमें से इस फिल्म ने सात ऑस्कर अवॉर्ड जीते थे और डेविड लीन को इसके लिए बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड भी मिला था।