तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाया था । इस मामले में नाना पाटेकर को बड़ी राहत मिली है । लंबी जांच के बाद पुलिस ने इस मामले को बंद करने का फैसला लिया है। जांच में तनुश्री दत्ता के अरोपों को आधारहीन माना गया। इस केस में पुलिस ने 'बी रिपोर्ट' फाइल की है। बी रिपोर्ट तब फाइल की जाती है जब पुलिस को आरोपी खिलाफ एक भी सबूत नहीं मिलता है। वहीं तनुश्री के वकील का कहना है कि वो हार नहीं मानेंगे और न्याय के लिए आगे अपील करेंगे। जानते हैं क्या था पूरा मामला...
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Tanushree Dutta, Nana Patekar
- फोटो : social media
तनुश्री ने एक इंटरव्यू में बताया था, 'वो लंबे समय तक एक ट्रॉमा से गुजरी हैं । मैंने बॉलीवुड में आने के बाद कई तरह के दुख झेले हैं। मैंने ये सब भूलना चाहा लेकिन मेरे अंदर गुस्सा था । मुझे लगा कि उसकी हिम्मत कैसे हुई मेरे साथ ये सब करने की। वो बच कैसे सकते हैं और इंडस्ट्री के लोग उनके साथ लगातार काम कर रहे हैं।'
'मुझे लगा कि क्या मैं इस काबिल नहीं हूं कि सेक्सी रोल कर सकूं । बहुत सोचने के बाद मुझे एहसास हुआ कि इन सबकी जिम्मेदार मैं नहीं हूं । इंडस्ट्री में बहुत सारे बुरे लोग हैं और मैं इन सबके बीच फंस गई थी । फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' में नाना पाटेकर गलत व्यक्ति थे । गणेश आचार्या और उनका गैंग भी इसमें शामिल था ।'
'मुझे वो फिल्म नहीं करनी चाहिए थी । ये सब तब शुरू हुआ जब मैंने सुबह 6-7 बजे नाना को सेट पर देखा । उस वक्त नाना की कोई जरूरत नहीं थी । वो मुझे पागलों की तरह घूरते थे । मुझसे कहा गया था कि ये मेरा सोलो सॉन्ग है। फिर मैंने डायरेक्टर राकेश सारंग से पूछा तो उन्होंने कहा कि एक लाइन के लिए नाना की जरूरत है ।'
उनसे हेलो बोलती थी तो वो रिप्लाई नहीं करते थे लेकिन फिर उन्होंने धीरे-धीरे मेरे करीब आना शुरू कर दिया । अगले दिन और करीब आ गए । फिर वो बिल्कुल अलग तरह का व्यवहार करने लगे थे। वो मुझसे कहते थे इधर खड़ी हो जा, उधर खड़ी हो जा । वो मुझे सिखाते थे कि कैसे डांस करना है । इस बात को 10 साल हो गए । उन्होंने मुझसे आजतक कोई माफी नहीं मांगी।'