सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित फ्लैट में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद से शायद ही ऐसा कोई दिन गया होगा जब उनके परिवार वाले या फैंस इस खबर पर हैरानी ना जताते हों। सुशांत का अचानक से इस दुनिया को छोड़कर चले जाना सभी के लिए सदमे जैसी बात थी। उनकी आंखों में आगे बढ़ने के सपने दिखते थे और चेहरे पर दिल जीत लेने वाली मुस्कान, लेकिन उस मुस्कान और सपनों के पीछे कितना दर्द छिपा था ये कोई भी नहीं जान पाया। उन्हें बेहद करीब से जानने का दावा करने वाले भी नहीं जान पाए कि कौन सी बात सुशांत को अंदर तक खाने लगी थी।
हैरान कर देने वाली है स्टारी नाइट की कहानी
सुशांत फिल्म अभिनेता जरूर थे, लेकिन उनका दिल दिमाग ग्रह, सितारों इन सबमें ही खोया रहता था। उनके साथ काम कर चुके कलाकार बताते हैं कि सुशांत उन्हें भी चांद सितारों की बातें बताया करते थे। सिर्फ इतना ही नहीं सुशांत के इंस्टाग्राम और ट्विटर पर भी इस तरह के कई पोस्ट देखने को मिलते थे। उनके निधन के बाद से उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर नजरे दौड़ाने व गौर करने के बाद और भी कई दिलचस्प बातें पता चली थीं।
2 of 5
सुशांत सिंह राजपूत
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सुशांत के ट्विटर हैंडल की बात करें तो उन्होंने एक पेटिंग की तस्वीर कवर पेज पर लगाई हुई थी। इसके पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। दरअसल उनका कवर पेज 'स्टारी नाइट' है, ये एक बेहद ही मशहूर पेंटिंग है। वैन गॉग ने स्टारी नाइट असाइलम में रहते हुए बनाई थी। स्टारी नाइट दुनिया के सबसे मशहूर आर्ट पीस में से एक है। कॉफी मग से लेकर घरों की दीवारों तक ये पेंटिंग हर जगह हैं। ये भी कहा जाता है कि ये पेंटिंग वैन गॉग से भी ज्यादा मशहूर है। स्टारी नाइट की खूबसूरती अनंत है और इसे शब्दों मे बयां करना मुश्किल हैं। ये भी कह सकते हैं कि इस पेंटिंग को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है। उलझे सुलझे रंगों से एक कहानी बताती ये पेंटिंग शायद सिर्फ सुशांत जैसे लोगों को ही बेहतर तरीके से समझ आ सकती थी जो दूसरी दुनिया के भी सपने देखते थे।
3 of 5
स्टारी नाइट
- फोटो : सोशल मीडिया
वैन गॉग गैलरी के मुताबिक वैन ने 1889 मे स्टारी नाइट बनाया था। Saint-Remy-de-Provence के पास Saint-Paul-de-Mausole असाइलम में रहते हुए उन्होंने इसे पेंट किया था। गौरतलब है कि वैन गॉग को असाइलम में बाकी मरीजों से ज्यादा छूट थी। वो असाइलम में पेंट करते, पढ़ते थे। उन्हें एक स्टूडियो भी दिया गया था। Epileptic Fits की बीमारी पता होने के बाद वो धीरे धीरे ठीक हो रहे थे लेकिन इसे बदकिस्मती कह सकते हैं कि वो फिर से संघर्ष करने लगे थे। उन्हें आत्महत्या के ख्याल आने लगे थे और अवसाद ने उन्हें अपने चंगुल में फंसा लिया था।
4 of 5
सुशांत सिंह राजपूत
- फोटो : सोशल मीडिया
वैग गॉग ने 29 जुलाई 1890 में आत्महत्या कर ली थी। इसे अजीब इत्तेफाक कह सकते हैं। जिस पेंटर ने ये तस्वीर बनाई उसने आत्महत्या की थी। इस पेंटिंग को पसंद करने और समझने वाले सुशांत सिंह राजपूत ने भी आत्महत्या की थी। उन्हें भी अवसाद की बीमारी थी जिससे सुशांत लड़ रहे थे। सुशांत हर तरह से सफल थे, ऐसे में उनके मन में किस बात की तकलीफ थी ये कोई नहीं जान पाया। उनकी फिल्में हिट चल रहीं थी, एक फिल्म रिलीज होने वाली थी, रिया संग झगड़े की खबर भी सामने आई थी, लेकिन एक भी वजह ऐसी नहीं लगी जिसे आत्महत्या का कारण बताया जाए।
5 of 5
सुशांत सिंह राजपूत (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
सुशांत की हत्या के पीछे रिया की जालसाजी, बॉलीवुड का नेपोटिजम-ग्रुपिजम जैसे कई कारण बताए गए। हालांकि सुशांत वाकई इससे ही पीड़ित थे या उनके मन में खुद एक द्वंद चल रहा था, ये राज कोई नहीं जान पाया। आज सुशांत हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनकी यादें हैं जो उनके चाहने वालों के दिल में बसी है और जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।